शिरोमणि अकाली दल की उम्मीदवार सुरजीत कौर ने यू-टर्न लेते हुए एक बार फिर से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। सुरजीत कौर को अकाली दल के बागी गुट ने अपना समर्थन दिया है। बीबी जागीर कौर के मनाने के बाद वह पार्टी में दोबारा शामिल हुई हैं। गौर हो कि आज दोपहर ही सीएम मान ने सुरजीत कौर को पार्टी में शामिल करवाया था।
सुरजीत कौर को बहलाकर पार्टी में शामिल करवाया- बीबी जागीर कौर
वहीं बीबी जागीर कौर ने कहा कि कई बार कोई बहलाकर, गुमराह करके ले जाता है। सुरजीत कौर को तो यह भी नहीं पता था कि वह कहां जा रहे हैं। जब वह घर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि हमसे बहुत बड़ी गलती हो गई है, हमें माफ कर दो। उसके बाद इन्होंने हमें फोन किया वह मिलना चाहते हैं।
बीबी जागीर कौर ने आगे कहा कि पहले शिरोमणि अकाली दल के प्रधान ने पहले हाथ खींच लिए और इनका मजाक उड़ाया। अगर सीएम धक्के से उन्हें रख भी लेते तो वोट फिर भी उन्हें नहीं जाती। क्योंकि गुस्से में लोगों की वोट कहीं और चली जाती।
दोपहर को AAP में हुई थीं शामिल

सुरजीत कौर को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज दोपहर 1 बजे पार्टी में शामिल करवाया था। पार्टी में शामिल होने के बाद सुरजीत कौर ने कहा था कि वह सीएम मान के लोगों के लिए कार्यों को देखते हुए पार्टी में शामिल हुई हैं।
बेटे ने की थी सुखबीर बादल की आलोचना
आप में शामिल होने के बाद सुरजीत कौर के बेटे दीप सिंह राठौड़ ने कहा था कि अगर सुखबीर बादल साथ देते वह अच्छे यह चुनाव लड़ सकते थे। आम आदमी पार्टी में जाने का फैसला निजी। क्योंकि पार्टी में जो कोई सवाल उठाता था उसे बाहर निकाल दिया जाता था।
गुटों की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते
दीप राठौड़ ने कहा कि अकाली छोड़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण परिवार की बेकद्री करना और परिवार को बेईज्जत करना। एक परिवार ने पार्टी के लिए जीवन के 45 साल दिए हों। पार्टी का राजनीति इतनी हाशिए पर आ गई है कि दो पल नहीं सोचा अपना समर्थन वापिस लेने से।