पंजाब की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। दिवाली के बाद शिरोमणि अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन का ऐलान हो सकता है। दोनों पार्टियों के बीच फिलहाल सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत चल रही है। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा इस बार करीब 45 से 50 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दिल्ली और चंडीगढ़ में 2027 में NDA सरकार बनने के बयान के बाद दोनों दलों के बीच गठबंधन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन फाइनल होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बठिंडा का दौरा कर सकते हैं। यहां एक बड़ी रैली के दौरान गठबंधन का ऐलान होने की संभावना है।
इस बार ज्यादा सीटें मांग रही भाजपा
भाजपा इस बार सीट शेयरिंग में बराबरी की हिस्सेदारी चाहती है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी करीब 50 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर रही है, जबकि बाकी 67 सीटों पर अकाली दल के उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं।
गौरतलब है कि 1997 से 2017 तक चले अकाली दल-BJP गठबंधन में भाजपा को 117 में से 23 सीटें मिलती थीं, जबकि अकाली दल 94 सीटों पर चुनाव लड़ता था।
हरसिमरत कौर बादल बन सकती हैं केंद्रीय मंत्री
भाजपा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन होने पर अकाली दल को केंद्र सरकार में जगह मिल सकती है। ऐसे में सांसद हरसिमरत कौर बादल की दोबारा केंद्रीय मंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है।
केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू के केंद्र से हटने के बाद पंजाब से फिलहाल कोई मंत्री नहीं है। ऐसे में गठबंधन के जरिए पंजाब को केंद्र में प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
सुखबीर बादल ने भी गठबंधन के संकेत दिए
अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल भी भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने चंडीगढ़ में दो बार कहा कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस उनकी कट्टर दुश्मन हैं। इसके अलावा जिन पार्टियों के साथ उनकी सोच मिलती है, उनके लिए गठबंधन के दरवाजे खुले हैं।वहीं, सांसद हरसिमरत कौर बादल भी एक रैली में गठबंधन को लेकर संकेत दे चुकी हैं। ऐसे में अब सभी की नजर दिवाली के बाद होने वाले संभावित ऐलान पर टिकी है।









