खबरिस्तान नेटवर्क: वृंदावन में संत प्रेमानंद जी महाराज की तबीयत एक बार फिर से खराब हो गई है। तबीयत खराब होने के कारण रात में चलने वाली पदयात्रा भी उन्हें रोकनी पड़ी है। इस दौरान दर्शन के लिए खड़े हुए भक्तों को भी मंदिर के अधिकारियों के द्वारा जाने के लिए कहा गया। सैंकड़ों भक्त उनके दर्शन भी नहीं कर पाए। गुरुवार-शुक्रवार को रात में भक्त भारी संख्या में उनके दर्शन के लिए पहुंचे लेकिन उनके हाथ में निराशा ही लगी। उन्हें जब बताया गया कि महाराज की सेहत खराब है और वह यात्रा पर नहीं जा पाएंगे तो भक्त फूट-फूट कर रोने लगे और उनके ठीक होने की प्रार्थना करने लगे।
निवास से नहीं निकले प्रेमानंद महाराज
आपको बता दें कि संत प्रेमानंद महाराज छटीकारा मार्ग पर श्री कृष्ण शरणम स्थित निवास स्थान से रोज रात को दो बजे निकलकर बाराहघाट, परिक्रमा मार्ग स्थित श्री हित केली कुंज आश्रम तक पदयात्रा करते हुए जाते हैं। इस दौरान भारी संख्या में भक्त उनके दर्शन करने के लिए आते हैं। गुरुवार-शुक्रवार की रात में भारी संख्या में भक्त उनके दर्शनों के लिए पहुंचे लेकिन जैसे ही उनको यह पता चला कि महाराज जी का स्वास्थ्य खराब हो चुका है और वह यात्रा पर नहीं जाएंगे तो कई भक्त फूट-फूट कर रोने लग गए है। स्वास्थ्य खराब होने के कारण प्रेमानंद महाराज अपने निवास से ही नहीं निकले। भक्तों ने राधारानी से महाराज जी के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना भी की आपको बता दें कि इससे पहले 7 फरवरी को भी प्रेमानंद ही महाराज की तबीयत खराब हो गई थी। उनकी दोनों किडनियां खराब हैं और उनकी डायलिसिस भी होती है।
कुछ दिन पहले ही मनाया था जन्मदिन
संत प्रेमानंद महाराज जी ने 30 मार्च को धूमधाम के साथ अपना जन्मदिन मनाया था। उनकी पदयात्रा के दौरान 2 लाख भक्तों की इस दौरान भीड़ रही थी। हर कोई प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देना चाहता था। भक्तों ने पूरा रास्ता फूलों और रंगोली के साथ सजाया था। जगह-जगह भक्तों ने राधा नाम का कीर्तन भी किया था।