शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर के परिसर में एक मंदिर ऐसा भी है जो बच्चों और महिलाओं के लिए साल में सिर्फ एक दिन खुलता है। मां त्रिपुरमालिनी के मंदिर से आगे स्थित है प्राचीन ट्रस्ट महाकाली मंदिर। जिसकी ऊपरी मंजिल पर बने हुए प्राचीन मंदिर में स्थापित प्रतिमा के दर्शन महिलाएं तथा बच्चे केवल दशहरे वाले दिन ही कर सकते हैं।
महाराजा रणजीत सिंह भी करने आए थे उपासना
इस मंदिर के निर्माण को लेकर कई धार्मिक ग्रंथों में भी जिक्र मिलता है। लोग कहते हैं कि महाराजा रणजीत सिंह भी मां महाकाली की उपासना के लिए यहां पर आए थे। मंदिर के कपाट पुरुषों के लिए वर्ष भर खुले रहते हैं। लेकिन महिलाएं तथा बच्चे यहां पर केवल दशहरे वाले दिन ही आकर नतमस्तक हो सकते हैं।
मोहनी बाबा ने की थी सालों तपस्या
मोहनी बाबा ने यहां पर कई सालों तक तपस्या की थी। इस दौरान उन्होंने किसी भी नारी को नजदीक नहीं आने दिया था। यहीं कारण था कि मंदिर के निर्माण के साथ ही इसमें महिलाओं के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। इस तरह महिलाओं तथा बच्चों के लिए केवल एक दिन मंदिर के कपाट खुले रखने का नियम सदियों से चला आ रहा।