खबरिस्तान नेटवर्क: चंडीगढ़ में सरकारी स्कूलों में बाल वाटिका के लेकर 8वीं कक्षा तक की अडमिशन के लिए रैंट एग्रीमेंट शिक्षा विभाग ने कैंसिल कर दिया है। इस बार बच्चों को इन कक्षाओं में दाखिला आधार कार्ड के जरिए मिलेगा। शहर के इन स्कूलों में दाखिले के लिए छात्रों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने 'राइट टू एजुकेशन एक्ट' के अंतर्गत आधार कार्ड के आधार पर दाखिला करवाने का फैसला लिया है। इसके अलावा उन्होंने दाखिलों के लिए दिए गए रैंट एग्रीमैंट को रद्द करके आधार कार्ड भी मांगे हैं। शिक्षा विभाग के द्वारा किए गए दाखिलों के रैंट एग्रीमेंट को बाद हुए सर्वे में बड़े पैमाने पर रैंट एग्रीमैंट फर्जी के द्वारा पाए जाने के बाद ये आधार कार्ड से ही दाखिला देने का निर्णय लिया है।
इस तरह मिलता है बच्चों को दाखिला
आपको बता दें कि शहर के स्कूलों में बाल वाटिका से प्लस टू तक 111 सरकारी स्कूलों में 1 लाख 20 हजार के करीब बच्चे पढ़ रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग की यही कोशिश है कि बाल वाटिका में बच्चों को घरों के पास में दाखिला दिया जाए। यह दाखिला उन्हें रैंट एग्रीमैंट, आधार कार्ड और वोटर आई.डी के आधार पर दिया जाता है लेकिन वहीं दूसरे राज्यों के बच्चों के माता-पिता सिर्फ रैंट एग्रीमैंट बनवाकर दाखिला ले लेते हैं जिस वजह से स्कूलों में जरुरत से ज्यादा बच्चे होने से स्टैंडैंट-टीचर से ज्यादा छात्र हो रहे थे।
सर्वे में चला पता
स्कूलों में फॉर्म जमा करवाने के बाद दस्तावेजों की जांच के बाद रैंट एग्रीमैंट देने वाले बच्चों के घरों का सर्वे भी किया गया। इस सर्वे में पता चला कि पेरेंट्स और बच्चे दोनों ही रैंट एग्रीमैंट पर देने वाले पते पर नहीं रहते। आस-पास के राज्यों के लोग सिर्फ रैंट एग्रीमैंट पर दाखिला ही लेते थे लेकिन अब रैंट एग्रीमैंट को दाखिले के लिए जरुरी दस्तावेजों को ही अलग कर दिया गया।