मोहाली के मटौर इलाके में प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। इस इलाके में बनी फैक्टरी में गंदगी के बीच बन रही खाने-पीने की चीजों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एस.एस.पी दीपक पारीक के अनुसार, इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ मामला भी दर्ज हो चुका है। आरोपियों के खिलाफ धारा 272 और 274 के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है। आपको बता दें कि रविवार को खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और निगम की टीमों ने फैक्टरी में छापेमारी की थी। इस दौरान उन्होंने सब्जियों और सामान के अलग-अलग खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए थे।
रसोईघर में मिले मांस के टुकड़े
जांच के दौरान उन्हें रसोईघर में मांस के टुकड़े भी मिले है। ऐसे में डी.सी ने यह साफ कर दिया है कि रसोईघर से मिले मांस के टुकड़ों को कुत्ते के मांस के तौर पर गलत तरीके से विज्ञापित किया जा रहा है। वह इस मामले का विश्लेषण भी कर रहे हैं। पशुपालन विशेषज्ञों जल्द ही इस बात को साफ कर देंगे कि क्या सच में यह इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील भी की है कि पशुपालन विशेषज्ञों के निष्कर्ष पर आने से पहले कोई भी अफवाह न सुनें। इसके अलावा डीसी की ओर से नगर कमिश्नर को अनाधिकृत खाद्य पदार्थों के स्टॉल और रेहड़ी वालों की जांच करने के लिए मांस काटने पर रोक लगाने और कानून के अनुसार, सख्त कार्रवाई करने के लिए भी कह दिया गया है।
साफ-सफाई का रखा जा रहा है ध्यान
डी.सी की ओर से स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और निगम की टीमों को मोहाली में फास्ट फूड और बाकी खाद्य पदार्थ बेचने वाले सारे विक्रेताओं को देखने के लिए भी कहा गया है। उनका कहना है कि सफाई-सफाई और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा जाए। जिला स्वास्थ्य अधिकारी की टीम ने भी करीबन 6 सैंपल ले लिए हैं। इसके अलावा जिन लोगों ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 63 का उल्लंघन किया है उनके खिलाफ चालान भी किए गए हैं।