ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) कॉम्प्लेक्स स्थित चमन ग्राउंड में बुधवार को 67वें पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव शामिल हुए। उन्होंने देश की सुरक्षा और पंजाब में शांति बनाए रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिस अधिकारियों और जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहीद जवानों के परिजन भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और समाज की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने शहीदों के परिवारों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
सितंबर 1981 से अगस्त 2026 तक पंजाब पुलिस के 1804 जवान शहीद
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस अपनी दिलेरी, बहादुरी और कार्यक्षमता के लिए पूरे देश में जानी जाती है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब पुलिस को आजादी के बाद से ही कई गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। पुलिस के जवानों ने हर चुनौती का डटकर मुकाबला किया और राज्य में शांति, सद्भावना तथा खुशहाली बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने बताया कि सितंबर 1981 से अगस्त 2026 तक पंजाब पुलिस के 1804 अधिकारी और जवान देश तथा राज्य की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर चुके हैं। वर्ष 2026 में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए गुरदासपुर जिले के एएसआई गुरनाम सिंह और अमृतसर जिले के एएसआई जोगा सिंह को भी श्रद्धांजलि दी गई।
डीजीपी ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए केवल पुलिसकर्मियों ने ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों ने भी बड़ी कुर्बानियां दी हैं। पंजाब पुलिस शहीद जवानों के परिवारों के साथ एक परिवार की तरह खड़ी रहेगी और उनकी समस्याओं का समाधान करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई, 95 हजार से अधिक FIR दर्ज
समारोह के दौरान डीजीपी ने आतंकवाद, संगठित अपराध और नशा तस्करी के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई का विवरण भी साझा किया। उनके अनुसार, 16 मार्च 2022 से अब तक NDPS एक्ट के तहत 95,000 से अधिक FIR दर्ज की गई हैं और एक लाख से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 7,200 किलोग्राम से अधिक हेरोइन बरामद करने का दावा किया गया है।
डीजीपी ने बताया कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों में लगभग 902 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। उन्होंने कहा कि NDPS एक्ट के मामलों में पंजाब पुलिस की दोषसिद्धि दर लगभग 90 प्रतिशत है। पुलिस का लक्ष्य केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके नेटवर्क और आर्थिक मदद करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर नशे के कारोबार की जड़ों को कमजोर करना भी है।
नशे के खिलाफ 60 दिन का विशेष अभियान, हॉटस्पॉट पर होगी कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ 60 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में फिल्लौर में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
इस अभियान के तहत नशे के लिए चिन्हित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नशा बेचने वालों और सप्लायरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक हॉटस्पॉट के लिए पुलिस और नागरिक प्रशासन के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन इलाकों को नशामुक्त बनाने के साथ युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी है। इसके लिए खेल मैदान विकसित करने, स्ट्रीट लाइट लगाने, CCTV कैमरे स्थापित करने और नशे की लत से प्रभावित लोगों के पुनर्वास तथा नशामुक्ति पर भी ध्यान दिया जाएगा।
गैंगस्टरों के खिलाफ कार्रवाई, 3326 आरोपी गिरफ्तार
डीजीपी गौरव यादव के अनुसार, एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की स्थापना 6 अप्रैल 2022 को की गई थी। इसके बाद से संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3,326 सदस्यों को गिरफ्तार करने और 1,288 गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान 2,507 हथियार और 62 वाहन बरामद किए गए। डीजीपी ने यह भी बताया कि जनवरी 2026 से गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के तहत गिरफ्तारियां और बरामदगी की गई हैं। पंजाब पुलिस संगठित अपराध को रोकने और गैंगस्टरों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
86 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 660 लोगों की गिरफ्तारी
आंतरिक सुरक्षा के संबंध में डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस ने 86 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने और 660 लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उनके अनुसार, इन कार्रवाइयों के दौरान 88 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), 131 हैंड ग्रेनेड, 28 किलोग्राम RDX और छह रॉकेट लॉन्चर बरामद किए गए।
उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (BSF) और अन्य केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर आतंकवाद, नशा तस्करी और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखना पुलिस की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
साइबर अपराध से निपटने के लिए 1600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि पंजाब पुलिस के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने, सॉफ्टवेयर विकसित करने और साइबर अपराध से निपटने की क्षमता बढ़ाने के लिए 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है।साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए नए साइबर पुलिस स्टेशनों को अधिसूचित करने और जांच व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस शहीद जवानों के बलिदान से प्रेरणा लेते हुए देश और समाज की सेवा के लिए पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ काम करती रहेगी।









