पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने चंडीगढ़ और जालंधर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस पर विदेशी दौरे को लेकर कथित वित्तीय अनियमितताओं और आनंदपुर साहिब क्षेत्र में अवैध माइनिंग को लेकर सवाल उठाए। वहीं, फरीदकोट फार्मेसी पेपर लीक मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह को भी घेरा।
खैरा ने एक जनहित याचिका का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि हरजोत सिंह बैंस ने जनवरी 2024 में जरूरी सरकारी मंजूरियों के बिना कनाडा का दौरा किया। उन्होंने दावा किया कि दौरे के बाद मंत्री की ओर से करीब 4.48 लाख रुपये का यात्रा खर्च रीइंबर्समेंट के लिए क्लेम किया गया, जिसमें से जांच के बाद करीब 3 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
उन्होंने मंत्री के विदेश दौरे के दौरान सरकारी गाड़ियों के इस्तेमाल और उनके नाम पर कथित तौर पर किए गए खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। हालांकि, ये सभी आरोप खैरा द्वारा लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्ष का जवाब सामने आना बाकी है।
अवैध माइनिंग को लेकर भी लगाए आरोप
सुखपाल खैरा ने आनंदपुर साहिब से पठानकोट तक अवैध माइनिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि क्रशर मालिकों से कथित तौर पर हर महीने लाखों रुपये की वसूली की जा रही है। उन्होंने सरकार से इस मामले की जांच कराने की मांग की।
फार्मेसी पेपर लीक मामले में स्वास्थ्य मंत्री को घेरा
फरीदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी से जुड़े फार्मेसी पेपर लीक मामले पर खैरा ने दावा किया कि पेपर लाखों रुपये में बेचे गए। उन्होंने पंजाब में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सामने आए कथित पेपर लीक मामलों का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग की।
खैरा ने सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर AAP केंद्र सरकार को घेरती है, जबकि पंजाब में अपने मंत्रियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
पंजाब को ‘पुलिस स्टेट’ बनाने का आरोप
कांग्रेस विधायक ने पंजाब सरकार पर प्रदर्शन कर रहे विभिन्न वर्गों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का आरोप भी लगाया। उन्होंने पटियाला में अप्रेंटिस यूनियन, सफाई कर्मचारियों, खन्ना में नरेगा मजदूरों और किसानों से जुड़े आंदोलनों का जिक्र करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
बेअदबी मामलों को लेकर विधानसभा में विरोध का ऐलान
खैरा ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि आगामी विधानसभा सत्र में कांग्रेस विधायक बेअदबी के मामलों को जोरदार तरीके से उठाएंगे। उन्होंने कोटकपूरा और बहबल कलां मामलों समेत पुराने बेअदबी मामलों पर भी सरकार से जवाब मांगा।
अंत में खैरा ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता सरकार से इन मुद्दों का हिसाब लेगी। उन्होंने सत्ता में आने पर कथित वित्तीय अनियमितताओं, पेपर लीक और अन्य मामलों की उच्चस्तरीय जांच और ऑडिट कराने की बात कही।








