सूफी गायक और दिल्ली से भाजपा सांसद हंस राज हंस की टिकट कट सकती है। 2 दिन पहले भाजपा की कार्यकारिणी बैठक हुई थी। सूत्रों के मुताबिक जिसमें यह फैसला हुआ कि इस बार हंसराज हंस को लोकसभा के लिए टिकट नहीं दी जाएगी। क्योंकि भाजपा का इस बार लोकसभा में 400 प्लस सीटें लाने का दावा कर रही है। इसलिए वह कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।
सर्वे में भी हंसराज लोगों की पसंद नहीं
दरअसल हंसराज हंस को लेकर दिल्ली में मीडिया चैनल द डेली गार्जियन ने सर्वे भी करवाया। इस सर्वे के मुताबिक 50 फीसदी लोगों ने हंसराज हंस के काम को लेकर नाखुशी जताई। वहीं 40 फीसदी लोगों ने ही उनके काम को सराहा। जबकि 5 फीसदी लोगों ने उनके काम पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।
हंसराज हंस का क्या होगा आगे का प्लान
हंसराज हंस का अगर टिकट कटता है तो यह देखना दिलचस्प होगा कि हंसराज हंस की आगे की रणनीति क्या होगी। क्या वह भाजपा छोड़ दूसरी पार्टी में जाएंगे या फिर पंजाब आकर दोबारा अपनी गायकी पर ध्यान देंगे। हालांकि भाजपा और हंसराज हंस की तरफ से इस मामले पर कोई भी बयान सामने नहीं आया है। पर भाजपा जल्द ही लोकसभा उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर सकती है।
गौतम गंभीर भी छोड़ चुके हैं सीट
आपके बता दें कि पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर भी राजनीति छोड़ने का मन बना चुके हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को टैग करते हुए राजनीति से विराम मांगा है। इसके पीछे उन्होंने क्रिकेट कमिटमेंट्स को वजह बताया है।