पंजाब सरकार ने बच्चों के लिए अहम फैसला लिया है। अब आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के बच्चे निजी स्कूलों में दाखिल हो पाएंगे। मंत्रिमंडल ने पंजाब नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम-2011 की धारा 7(01) को हटाने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पंजाब नि:शुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियम-2011 में संशोधन को भी मंजूरी दे डाली है।
गरीब बच्चे भी ले सकेंगे शिक्षा
इस कदम से अब निजी स्कूलों में गरीब बच्चे अच्छी शिक्षा ले पाएंगे। वहीं सरकारी स्कूलों में पहले से ही बच्चों को यह शिक्षा दी जा रही है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में यह प्रावधान है कि सारे निजी स्कूलों को 25% सीटें आर्थिक तौर पर कमजोर छात्रों को दी जाएगी वहीं पिछली सरकारों के द्वारा बनाए गए नियमों के कारण विद्यार्थी इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे लेकिन सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से कमजोर और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों पर लगी पाबंदिया भी हट जाएंगी। इससे उन्हें अच्छी शिक्षा मिल पाएगी।