ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने नीट पेपर लीक मामले में पहली बार बयान दिया है। राघव चड्ढा ने संसद में बयान देते हुए कहा कि पेपर लीक जैसी बीमारी का परमानेंट ईलाज करना होगा। पीएम मोदी ने स्टूडेंट्स की चिंता औक दर्द को परिवार के तरह समझा और एक्शन लिए।
अब सॉल्यूशन देना मेरी जिम्मेदारी है
राघव चड्ढा ने कहा कि जब मैं विपक्ष में था तो सवाल पूछता था। अब सत्ता पक्ष की तरफ बैठा तो सॉल्यूशन देना मेरी जिम्मेदारी है। मैं स्टूडेंट्स के सपोर्ट में हूं और पब्लिक एग्जामिनेशनल अमेंडमैंट बिल 2026 का समर्थन करता हूं। केंद्र का लाया बिल देश का पहला एंटी पेपरलीक फ्रेमवर्क है।
पेपर लीक जैसी बीमारी का परमानेंट ईलाज जरूरी
उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक जैसी बीमारी का परमानेंट इलाज करना जरूरी है। जैसे कैंसर का इलाज क्रोसीन खिलाकर नहीं हो सकता, पेपर लीक का इलाज मीडिया साउंड बाइट से नहीं, बल्कि इंस्टीट्यूशनल सॉल्यूशन से होगा। स्टूडेंट को पता होता है कि वह पेपर नहीं बल्कि पूरे परिवार का फ्यूचर लिखेगा।
नीट स्टूडेंट्स का गुस्सा जायज है
राघव चड्ढा ने आगे कहा कि मैं NEET स्टूडेंट्स को कुछ कहना चाहूंगा, आपका गुस्सा जायज है। आपका दर्द रियल है। आपको एग्जामिनेशन सिस्टम से जो शिकायत है, वह भी ठीक है। जब आपने अपनी चिंता व्यक्त की और मांग की तो प्रधानमंत्री ने परिवार के मुखिया की तरह इसे सुना। सरकार ने एक्शन लिया। एतिहासिक फैसला लेकर सिस्टम चेंज किया।








