ख़बरिस्तान नेटवर्क : कोई भी एजेंट के चक्कर में फंसकर रूस मत आना, हमें यहां जंगल में छोड़ दिया गया है। अब समझ नहीं आ रहा है कि कहां जाएं? एजेंट ने जो वादे किए थे वे हकीकत में बहुत बुरे निकले। ये कहना है जालंधर के रामनगर के रहने वाले आकाशदीप ने पंजाब से रूस तक पहुंचने का अपना अनुभव वीडियो के जरिए साझा किया है।
आकाशदीप ने वीडियो में बताया कि जालंधर के एजेंट पवन कुमार ने उसे दिल्ली से मॉस्को भेजा है। उसने कहा था कि मॉस्को में फल तोड़ने का काम है और अच्छे पैसे मिलेंगे। इसके साथ ही एसी रूम मिलेगा और बढ़िया खाना मिलेगा। उसकी इसी बातों में आकर मैं फंस गया।
मॉस्को से एजेंट का बंदा जंगल में छोड़कर गया
आकाशदीप ने बताया कि उसे मॉस्को एयरपोर्ट से एजेंट का बंदा लेकर गया। इसके बाद उसे और उसके साथ 10 के करीब लड़कों को जंगल में छोड़ दिया। इन लड़कों में वह अकेला ही पंजाबी है। उसके साथ बाकी लड़के राजस्थान और हरियाणा के रहने वाले हैं। वे रातों को जंगल में भटकते रहे और किसी तरह जंगल के बीच बने एजेंट के ठिकाने पर पहुंचे।
एजेंट का आदमी उसे जंगल के बीच एक कबाड़खाने जैसे घर में छोड़कर चला गया। हमें बीच रास्ते में किसी कबाड़ वाली जगह टूटे से छोटे से कमरे में ठहरा दिया गया है। आगे क्या होगा और कहां लेकर जाएंगे, इसके बारे में जानकारी नहीं दी जा रही है। यहां 10 लड़के ऊपर-नीचे लगे बिस्तरों पर सोकर रातें काटने को मजबूर हैं।
ऐसे हालातों पर रोना आ रहा है
आकाशदीप ने आगे कहा कि मुझे इन हालातों पर रोना आ रहा है। मैं वीडियो इसलिए बना रहा हूं ताकि अपने परिवार वालों को बता सकूं कि मैं पहुंच चुका हूं। मैं आपको अपने रहने की जगह और टॉयलेट भी दिखा देता हूं, ताकि पंजाब में रहने वाले दूसरे युवकों भी पता चल सके कि रूस की जिंदगी कैसी है। जिस किसी ने भी यहां आने का इरादा बनाया हो वे एजेंट के जरिए तो कभी न आएं। ये देखिए मेरा रूम। इसमें गंदे बिस्तर लगे हैं। टॉयलेट का हाल ऐसा है कि दरवाजा टूटा है और इसे खोलकर तो बिल्कुल भी दिखा नहीं सकता।
एजेंट ने पैसा नहीं दिया, जंगल में फंसकर रह गए
आकाशदीप ने कहा कि जंगल से बाहर कैसे निकलें, कुछ भी समझ नहीं आ रहा है। एजेंट के आदमी से पूछा तो उसने कहा कि उसे पैसा नहीं मिला है, इसलिए जब तक पैसा नहीं आता उन्हें आगे लेकर नहीं जाएगा। आकाशदीप ने कहा कि चारों तरफ देखो, घना जंगल है। यहां से बाहर कैसे जाना है, कोई रास्ता ही नहीं दिखता। एजेंट पवन ने मुझे रूस भेजने के वक्त कहा था कि तुम्हें वर्क वीजा दिला रहे हैं। यहां आकर पता चला कि ये तो टूरिस्ट वीजा है। जब एजेंट से पूछा तो उसने कहा कि कोई बात नहीं, एक्सटेंड हो जाएगा।
यहां जाकर फिर पूछा तो कहने लगा कि मेरी जिम्मेदारी तुम्हें भेजने की थी। मैंने तुम्हें रूस की जमीन पर उतार दिया। अब मेरी जिम्मेदारी खत्म हो गई है। अब तुम जानो और तुम्हारा काम। तुम्हारे साथ यहां कुछ भी होता है तो मैं जिम्मेदार नहीं होऊंगा।
मां अस्पताल में भर्ती और मैं यहां फंसा हूं
आकाशदीप बोला- मैं यहां फंस गया हूं और मेरी मां जालंधर के अस्पताल में भर्ती है। यह एजेंट सभी को ठगता है, कोई भी इसके झांसे में न आएं। मेरी युवाओं से अपील है कि कोई भी रूस न आए। यहां हरियाणा के भी काफी लड़के हैं। सभी एजेंट मिले हुए हैं और युवकों को यहां भेजकर रूस की सेना में भर्ती करवा रहे हैं। हरियाणा राजस्थान के कई युवकों को जंग में धकेल दिया गया है।









