ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में घोषित और अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल (बादल) ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अकाली दल की जालंधर शहरी इकाई ने जिला प्रधान इकबाल सिंह ढींडसा के नेतृत्व में शक्ति सदन स्थित चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार की बिजली नीति के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री भगवंत मान व आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल का पुतला फूंका।
प्रदर्शन के बाद अकाली नेताओं ने मुख्य इंजीनियर सरबजीत सिंह को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और राज्य में बिजली की स्थिति सुधारने की मांग की।
बिजली कटौती के खिलाफ शक्ति सदन के बाहर प्रदर्शन
अकाली दल के नेताओं का कहना है कि पंजाब के कई शहरों और कस्बों में लंबे समय तक बिजली कट लग रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण आम लोगों के साथ-साथ दुकानदारों, कारोबारियों, उद्योगों और किसानों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिला प्रधान इकबाल सिंह ढींडसा के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अकाली नेताओं ने सरकार से बिजली संकट का जल्द समाधान करने की मांग की।
अकाली दल ने सरकार की बिजली नीति पर उठाए सवाल
इकबाल सिंह ढींडसा ने आरोप लगाया कि पंजाब में पैदा हुआ बिजली संकट सरकार के खराब प्रबंधन और कमजोर योजना का नतीजा है। उन्होंने कहा कि बिजली की कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और पर्याप्त योजना नहीं बनाई गई, जिसके चलते लोगों को कई-कई घंटे बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।
ढींडसा ने कहा कि बिजली संकट का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है। बिजली की नियमित सप्लाई नहीं मिलने से व्यापार, उद्योग और कृषि गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार की ओर से चुनाव से पहले 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के दावों का भी जिक्र किया।
24 घंटे बिजली सप्लाई की मांग, बड़े आंदोलन की चेतावनी
अकाली दल के नेताओं ने पंजाब सरकार से राज्य में बिजली संकट का तत्काल समाधान करने और 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर बिजली कटौती की समस्या जल्द दूर नहीं हुई तो अकाली दल की ओर से बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान मनिंदरपाल सिंह गुंबर, अमृत बीर सिंह, एडवोकेट विनोद कौल, सुरजीत सिंह, रविंदर सिंह स्वीटी, साहिब सिंह ढिल्लों, मनीष गिल, बीबी रीटा कौर और जसविंदर कौर कंबोज समेत कई अकाली नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।









