दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की लिस्ट सामने आ गई है। 20 मार्च को वर्ल्ड हैप्पीनेस डे को जारी लिस्ट के मुताबिक फिनलैंड एक बार फिर से दुनिया का सबसे खुशहाल देश बन गया है। फिनलैंड पिछले 8 साल से लगातार पहले नंबर पर बरकरार है।
फिनलैंड 7.7 पाइंट के साथ खुशहाल देशों की लिस्ट में पहले नंबर पर है जबकि डेनमार्क दूसरे, आइसलैंड तीसरे और स्वीडन चौथे नंबर पर कायम है। इन सभी देशों को नॉर्डिक देश भी कहा जाता है।
8 पायदान ऊपर आया भारत
हैप्पीनेस इंडेक्स कि रिपोर्ट में भारत पिछले साल के मुकाबले इस बार 8 पायदान ऊपर आया है। 147 देशों की लिस्ट में इस बार भारत 4.3 पाइंट के साथ 118वें स्थान पर रहा। वहीं पिछली बार भारत लिस्ट में 126वें स्थान पर था। मग़र बता दें कि पाकिस्तान और नेपाल ने इस मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है।
रिसर्च के आधार पर दी जाती है रैंकिंग
2025 की हैप्पीनेस इंडेक्स के मुताबिक 109वां स्थान पाकिस्तान को मिला, वहीं नेपाल को 92वां स्थान मिला है। दोनों ही देश भारत से ऊपर स्थान हासिल करने में सफ़ल रहे। जबकि श्रीलंका (133) और बांग्लादेश (134) भारत से पीछे हैं। इन देशों की रैंकिंग एनालिटिक्स फर्म गैलप और UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशन नेटवर्क की स्टडी पर आधारित थी। यह रिसर्च उन जवाबों पर निर्धारित रही जो लोगों को उनके जीवन के बारे में पूछे जाने पर और उसे रेट करने पर हासिल की गई।
टॉप-100 में जगह नहीं बना सका भारत
भारत सिर्फ़ 2022 में ही टॉप-100 खुशहाल देशों में जगह बनाने में कामयाब हो पाया था। वहीं इस लिस्ट में यूक्रेन, मोजाम्बिक, ईरान, इराक, पाकिस्तान, फिलिस्तीन, कांगो, युगांडा, गाम्बिया और वेनेजुएला जैसे देशों की रैंकिंग युद्ध, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दे से तंग होने के बावजूद भी भारत से अच्छी स्थिति में है।
इन कारणों की वजह से भारत निचले रैंक पर
भारत का हैप्पीनेस इंडेक्स में निचले रैंक पर आने के बहुत से कारण हो सकते हैं। जिनमें सबसे ऊपर भ्रष्टाचार, असमानता, सामाजिक समर्थन वे उदारता की कमी शामिल हैं। यही कारण है कि भारत वर्ल्ड हैप्पीनेस इंडेक्स की रैंकिंग में पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों से पीछे है।