चंडीगढ़ में गंदगी फैलाने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी है। नगर निगम ने सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट 2026 का नया प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे 22 सितंबर को होने वाली हाउस मीटिंग में पेश किया जाएगा।
प्रस्ताव के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने पर 500 रुपये, खुले में कचरा फेंकने पर 15 हजार रुपये तक और सार्वजनिक डस्टबिन में घर या दुकान का कचरा डालने पर भी 15 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।वहीं, खुले में कचरा जलाने पर 10 हजार से 25 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
हर साल 5% बढ़ेगा जुर्माना और यूजर फीस
नए प्रस्ताव के तहत कचरा उठाने के लिए घरों, दुकानों, होटलों और दफ्तरों से यूजर फीस भी वसूली जाएगी। खास बात यह है कि यूजर फीस और जुर्माने की दरों में हर साल 1 जनवरी से 5% की स्वतः बढ़ोतरी का प्रावधान है।
यूजर फीस का बिल जारी होने के 30 दिन के भीतर भुगतान नहीं करने पर 10% लेट पेमेंट सरचार्ज भी लगाया जाएगा। यह राशि पानी के बिल या प्रॉपर्टी टैक्स के साथ वसूली जा सकती है।
एडवांस फीस जमा करने पर मिलेगी छूट
प्रस्ताव में एडवांस यूजर फीस जमा करने वालों को राहत देने का भी प्रावधान है। एक साल की फीस एडवांस देने पर 12 की बजाय 10 महीने का शुल्क देना होगा। वहीं, 6 महीने की फीस एडवांस जमा करने पर साढ़े 5 महीने का शुल्क लिया जाएगा।
कचरे को 4 श्रेणियों में करना होगा अलग
घरों से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर देना होगा। घर में कचरा अलग नहीं करने पर 400 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। दुकानदारों और रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए यह जुर्माना 1,000 रुपये प्रस्तावित है।अब नजर 22 सितंबर की हाउस मीटिंग पर है, जहां इस पूरे प्रस्ताव पर फैसला लिया जाएगा।









