ख़बरिस्तान नेटवर्क : नेपाल में शुक्रवार को दुर्चला जिले में भारी भूस्खलन के बाद चौलानी नदी का रास्ता बंद हो गया है। जिस कारण प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। क्योंकि नदी का प्रवाह रुकने के कारण आस-पास के इलाकों में खतरा बढ़ गया है।
अब तक 1344 की हो चुकी हैं मौतें
आपको बता दें कि नेपाल त्रासदी में अब तक 1344 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। वहीं 5300 से ज्यादा लोग लापता हैं। जबकि रेस्क्यू टीम ने 12 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला है। वहीं नेपाल के सरकारी आंकड़े के मुताबिक बाढ़ के कारण 32 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
275 भारतीय अभी भी लापता
नेपाल में आई बाढ़ में 275 भारतीय लापता हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने ये आंकड़े जारी किए हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल में आई बाढ़ में 169 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया है। अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
भारत ने 7 टन राहत सामग्री भेजी नेपाल
विदेश मंत्रालय ने आगे बताया कि 26 अगस्त को बाढ़ आने के बाद से भारत ने नेपाल को करीब 95 टन राहत सामग्री भेजी है। यह सामग्री 7 विमानों के जरिए पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से बात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया था। इसके कुछ घंटे बाद भारत ने राहत सामग्री की पहली खेप भेज दी थी। भारत ने राहत-बचाव के लिए 54 विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। इनमें 30 सुरंग बचाव विशेषज्ञ,19 फोरेंसिक विशेषज्ञ और 5 सदस्यीय मेडिकल टीम शामिल है। भारतीय टीमें नेपाल के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं।









