ख़बरिस्तान नेटवर्क : कपूरथला से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। क्योंकि परिवार ने करीब 3 हफ्ते पहले जिस शव को अपना बेटा मानकर अंतिम संस्कार किया, वह कपूरथला की सेंट्रल जेल में बंद मिला। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब परिवार को जेल से बेटे को लेकर फोन आया। जब परिवार जेल पहुंचा तो सभी हैरान रह गए।
लावारिस शव का परिवार ने किया अंतिम संस्कार
दरअसल 22 दिन पहले कपूरथला पुलिस को कंजली के पास एक शव बरामद हुआ। परिवार को लगा लावारिस पड़ा शव उनके बेटे रवि कुमार का है, जो 5 अगस्त से लापता था। परिवार ने शव की पहचान कर ली, जिसके बाद पुलिस ने शव को परिवार को सौंप दिया। शव मिलने के बाद परिवार ने 13 अगस्त को अंतिम संस्कार कर दिया।
एक फोन ने बदल दिया पूरा खेल
इस मामले में मोड़ उस समय आया जब कपूरथला की सेंट्रल जेल से परिवार को फोन आया। जिसमें पुलिस कर्मचारी ने कहा कि आपका बेटा रवि कुमार जेल में बंद है। पहले परिवार को विश्वास नहीं हुआ क्योंकि कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया था।
जब पुलिस कर्मचारी ने कहा कि नहीं वो आपका ही बेटा है तो परिजन उससे मिलने के लिए जेल पहुंचे। जब परिवार जेल पहुंचा तो रवि को जिंदा देख सबके होश उड़ गए।
पुलिस की दोबारा जांच में आई सच्चाई
पुलिस ने जब इस मामले की दोबारा जांच की तो सामने आया कि रवि कुमार लापता नहीं हुआ था। बल्कि 5 अगस्त से ही वह जेल में बंद था। जबकि कंजली के पास 9 अगस्त को शव मिला। अब सवाल यह है कि आखिर शव की पहचान सिर्फ कपड़ों के आधार पर कैसे की गई और उस समय अन्य माध्यमों से पहचान की पुष्टि क्यों नहीं हो सकी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।









