मानसा में झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए तेज होगा संघर्ष, पंजाबभर में पुलिस थानों के बाहर प्रदर्शन का ऐलान

The struggle to secure justice for Jhota will intensify in Mansa.

पंजाब में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर माहौल एक बार फिर गरमा गया है। बुधवार को पंजाब समेत विदेशों के गुरुद्वारों में झोटा की हत्या के विरोध में अरदास करने का ऐलान किया गया है। वहीं, मानसा में चल रहे इंसाफ मोर्चे में किसानों और विभिन्न जनसंगठनों के बड़ी संख्या में शामिल होने की संभावना है।

इस बीच, मानसा में एक युवक की मौत के मामले में शव लेकर जा रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के बाद तनाव बढ़ गया है। भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में पंजाबभर के पुलिस थानों के सामने रोष प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। संगठन ने सभी जनवादी और लोकतांत्रिक संगठनों से भी इन प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की है।

मानसा में पुलिस कार्रवाई के बाद बढ़ा विवाद

मंगलवार को गांव भम्मे कलां के युवक दलजीत सिंह की मौत के बाद परिजनों और गांववासियों ने शव सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। प्रदर्शनकारी शव को लेकर मानसा की ओर जा रहे थे, इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने और धक्केशाही के आरोप लगाए। इस दौरान लक्खा सिधाना समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने और पुलिस द्वारा शव को अपने कब्जे में लेने के बाद विवाद और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे न्याय की मांग को लेकर विरोध कर रहे थे।

घटना के बाद मानसा में चल रहे इंसाफ मोर्चे को और तेज करने की तैयारी की जा रही है। एक्शन कमेटी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आगे की रणनीति तय करेगी।

शव परिजनों को सौंपने की मांग, किसान यूनियन का प्रदर्शन का ऐलान

भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) ने मांग की है कि मृतक दलजीत सिंह का शव तुरंत उसके माता-पिता को सौंपा जाए और मानसा में चल रहे धरने में पुलिस दखल न दे।यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठूके के नेतृत्व में संगठन का जत्था बुधवार को मानसा के इंसाफ मोर्चे में शामिल होगा। संगठन ने पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में पुलिस थानों के सामने रोष प्रदर्शन करने का भी आह्वान किया है।

धरने से जुड़े लोगों के अनुसार, बुधवार को किसानों और अन्य संगठनों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने भी पंजाब के लोगों से मानसा पहुंचकर इंसाफ मोर्चे में शामिल होने की अपील की है।

भाना सिद्धू की चेतावनी- युवाओं को रिहा नहीं किया तो करेंगे संघर्ष

लक्खा सिधाना और अन्य लोगों को हिरासत में लिए जाने के बाद भाना सिद्धू भी मानसा में परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने के लिए चल रहे धरने में पहुंचे।

भाना सिद्धू ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया और युवाओं को हिरासत में लिया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हिरासत में लिए गए युवाओं को बुधवार सुबह तक रिहा नहीं किया गया, तो सरकार और प्रशासन के खिलाफ तीखा संघर्ष किया जाएगा।अब इस मामले में सभी की नजरें एक्शन कमेटी की बैठक और आगे की रणनीति पर टिकी हैं।

दो बच्चों का पिता था दलजीत सिंह

दलजीत सिंह की मौत के बाद उसके परिवार ने नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार, दलजीत शादीशुदा था और उसके दो बच्चे हैं। वह परिवार में अकेला कमाने वाला था।

परिवार ने बताया कि दलजीत पिछले कुछ समय से नशे का आदी हो गया था। मंगलवार सुबह वह मानसा गया था। परिजनों के अनुसार, वहां से नशा खरीदकर लाने के बाद उसका शव रमानंदी के पास खेतों में मिला।

इसके बाद परिवार और गांव के लोगों ने शव को सरसा-मानसा रोड पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मृतक की पत्नी परमजीत कौर और मां चंद्र कौर ने नशा बेचने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की।

परिजनों का कहना है कि सरकार नशा खत्म करने के दावे कर रही है, लेकिन इसके बावजूद नशे की बिक्री नहीं रुक रही। नशे के कारण युवा अपनी जान गंवा रहे हैं और उनके परिवारों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

SSP का दावा- माहौल खराब करने की कोशिश की गई

मानसा के SSP वैभव चौधरी ने बताया कि गांव भम्मे कलां में एक युवक की हत्या हुई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है।

SSP के मुताबिक, कुछ शरारती तत्वों द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही थी, जिसके चलते पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर दूसरे स्थान पर भेज दिया है।

SSP ने स्पष्ट किया कि पुलिस अपनी तरफ से शव का अंतिम संस्कार नहीं करेगी। परिवार की सहमति से ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मानसा में चल रहे इंसाफ मोर्चे को लेकर उन्होंने कहा कि धरना शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और वहां पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

अब एक्शन कमेटी के फैसले पर नजर

परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने की मांग, दलजीत सिंह की मौत और पुलिस कार्रवाई को लेकर मानसा में विरोध तेज होने के आसार हैं। एक तरफ किसान यूनियन ने पंजाबभर में पुलिस थानों के सामने प्रदर्शन का आह्वान किया है, वहीं दूसरी तरफ गुरुद्वारों में अरदास और मानसा के इंसाफ मोर्चे में लोगों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।

अब देखना होगा कि एक्शन कमेटी आगे क्या फैसला लेती है और हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई तथा शव परिजनों को सौंपने की मांग पर प्रशासन का अगला कदम क्या रहता है।

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