ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भगवंत मान सरकार पर निशाना साधा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जाखड़ ने आरोप लगाया कि राज्य में किसान, कर्मचारी और दूसरे वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को दूर करने के बजाय केवल दावे कर रही है। उन्होंने सहकारी बैंकों की स्थिति, किसानों को कर्ज मिलने में आ रही दिक्कतों और कर्ज माफी के वादों को लेकर भी सवाल उठाए।
‘हेलीकॉप्टर और स्टेज तक सीमित रह गई सरकार’
सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार जमीन पर लोगों की समस्याएं हल करने में नाकाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर से घूमने और मंचों पर चुटकुले सुनाने में व्यस्त हैं, जबकि किसान और कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर परेशान हैं।
जाखड़ ने कहा कि राज्य में अलग-अलग वर्गों के लोग अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात में किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
11 जिलों में कृषि विकास बैंकों के बंद होने का दावा
जाखड़ ने पंजाब के सहकारी बैंकिंग ढांचे पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि राज्य के 11 जिलों में स्टेट एग्रीकल्चर डेवलपमेंट बैंक पिछले पांच महीनों से बंद पड़े हैं। उनके मुताबिक, बैंकों के बंद रहने से किसान और कर्मचारी प्रभावित हो रहे हैं तथा कई जगहों पर धरने दिए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस स्थिति को गंभीरता से नहीं ले रही। जाखड़ ने कहा कि सहकारी बैंकों की खराब हालत का सीधा असर किसानों की आर्थिक जरूरतों पर पड़ रहा है।
KCC और कर्ज माफी के वादों पर उठाए सवाल
सुनील जाखड़ ने किसान क्रेडिट लिमिट (KCC) और कर्ज माफी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों को राहत देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया।
जाखड़ के अनुसार, सरकार ने किसानों के कर्ज और वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना से जुड़े मामलों पर विचार करने के लिए विधानसभा में कमेटी बनाने का आश्वासन दिया था। उनका कहना है कि विधानसभा का सत्र समाप्त हो गया, लेकिन किसानों को कोई ठोस राहत नहीं मिली।
कर्ज लेने के लिए बढ़ाई गई शेयर मनी: जाखड़
जाखड़ ने सहकारी बैंकों से कर्ज लेने की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि किसानों को पहले एक लाख रुपये तक का कर्ज लेने के लिए 3,300 रुपये शेयर मनी जमा करनी पड़ती थी, जिसे बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है।
इसी तरह, उनके मुताबिक दो लाख रुपये से अधिक के कर्ज पर शेयर मनी की राशि 5,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दी गई है। जाखड़ ने कहा कि इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और उनके लिए कर्ज लेना पहले से ज्यादा मुश्किल हो गया है।
खाद खरीदने के लिए कर्ज नहीं मिलने का आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सहकारी बैंकों में नकदी की कमी के कारण किसानों को डीएपी और यूरिया जैसी जरूरी खाद खरीदने के लिए भी कर्ज नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि बैंक नकदी और रिजर्व से जुड़े निर्धारित नियमों को पूरा करने में परेशानी का सामना कर रहे हैं।
जाखड़ ने दावा किया कि सरकार की नीतियों के कारण सहकारी बैंकिंग व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों को समय पर वित्तीय सहायता नहीं मिली, तो खेती से जुड़ी उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
केंद्र की किसान सम्मान निधि योजना का किया जिक्र
सुनील जाखड़ ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसके तहत पात्र किसानों के खातों में नियमित रूप से आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। उन्होंने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों के हित में ठोस कदम उठाने के बजाय केवल कागजी दावे कर रही है।
जाखड़ ने चेतावनी दी कि अगर राज्य सरकार ने किसानों की समस्याओं, सहकारी बैंकों की स्थिति और कर्ज से जुड़े मुद्दों का समय रहते समाधान नहीं किया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।









