4 कनाल जमीन बेची, 6 लाख दिए… फिर भी नहीं मिला वीजा, जालंधर में Pyramid e-Institute पर फूटा पीड़ितों का गुस्सा

जालंधर के Pyramid इंस्टीट्यूट के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में पीड़ित लोग अपने पैसे और जवाब मांगने के लिए पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी पर स्टडी वीजा और विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी करने के आरोप लगाए हैं। मौके पर इंस्टीट्यूट मालिक मौजूद नहीं था। गुस्साए लोगों ने एजेंसी के HR को पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा लिया।

ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के Pyramid इंस्टीट्यूट के बाहर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब बड़ी संख्या में पीड़ित लोग अपने पैसे और जवाब मांगने के लिए पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी पर स्टडी वीजा और विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी करने के आरोप लगाए हैं। मौके पर इंस्टीट्यूट मालिक मौजूद नहीं था। गुस्साए लोगों ने एजेंसी के HR को पकड़ लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठा लिया।

बेटी के भविष्य के लिए लाखों खर्च किए, अब वर्क परमिट और क्रेडिट का इंतजार
प्रदर्शन में शामिल पीड़िता सुखविंदर कौर ने आरोप लगाया कि Pyramid एजेंसी के जरिए उनकी बेटी नवजीत कौर का कनाडा के कैलगरी स्थित ‘पटाज कॉलेज’ में स्टडी वीजा लगवाया गया था। उनका आरोप है कि जालंधर के एक एजेंट के जरिए छात्रा को कथित तौर पर फर्जी कॉलेज में दाखिला दिलाया गया। उनकी बेटी एक-दो साल पढ़ाई करने के बावजूद वर्क परमिट और क्रेडिट हासिल नहीं कर पा रही है। इसके चलते बेटी का भविष्य अधर में लटक गया है और परिवार के लाखों रुपये भी दांव पर लग गए हैं।

65 लाख रुपये देने का आरोप, 8 महीने इंतजार के बाद वीजा ‘होल्ड’
विरोध करने पहुंचे नवनीत कुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2026 में ऑस्ट्रेलिया के स्टडी वीजा के लिए आवेदन किया था। उनके मुताबिक एजेंसी को करीब 65 लाख रुपये दिए गए, लेकिन लगभग 8 महीने इंतजार करने के बाद वीजा मिलने के अगले ही दिन उसे ‘होल्ड’ पर होने की जानकारी दे दी गई। पिछले करीब 2 साल से वह एजेंसी के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा। उनका आरोप है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद एजेंसी की ओर से मामले का समाधान नहीं किया गया।

बेटी को विदेश भेजने का सपना टूटा, मां ने सुनाई दर्दनाक कहानी
प्रदर्शन के दौरान एक मां अपने 22 वर्षीय बेटी से जुड़ी दर्दनाक कहानी बताते हुए रो पड़ी। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को शारजाह भेजने की बात कहकर कथित तौर पर ओमान भेज दिया गया था, जहां करीब चार महीने पहले उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामले में आरोपियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए कथित तौर पर सांठगांठ की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

अधिकारी मिलने से बचते रहे, भड़के पीड़ित
पीड़ितों का आरोप है कि जब वे अपनी शिकायत लेकर एजेंसी के दफ्तर पहुंचे तो वरिष्ठ अधिकारी सुनील, निताशा और काजल से मिलने की कोशिश की गई, लेकिन वे कथित तौर पर मिलने से बचते रहे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें अपने पैसे और मामलों को लेकर कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा।

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसने विदेश जाने की उम्मीद में करीब 6 लाख रुपये दिए थे। इसके लिए उसने कथित तौर पर अपनी 4 कनाल जमीन तक बेच दी, लेकिन अभी तक उसे वीजा नहीं मिला।

सिख जत्थेबंदियां भी पहुंचीं, पुलिस कार्रवाई की मांग
मामले में सिख जत्थेबंदियों ने भी हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ एजेंट की ओर से ठगी की गई है तो उसके पैसे वापस दिलाए जाने चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि किसी भी पीड़ित के पैसे डूबने नहीं दिए जाएंगे। इस दौरान लोगों ने पुलिस पर भी कार्रवाई नहीं करने के आरोप लगाए और पुलिस की गाड़ी को घेर लिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर मौजूद एजेंसी के HR को हिरासत में लिया।

पुलिस ने शिकायतें और दस्तावेज लिए, जांच का भरोसा
पुलिस अधिकारी के मुताबिक अलग-अलग गांवों से परेशान लोग एकजुट होकर इंस्टीट्यूट पहुंचे थे। पुलिस ने मौके से कुछ दस्तावेज और शिकायतें ले ली हैं। अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों और जांच के आधार पर जो भी कानूनी कार्रवाई बनती होगी, वह की जाएगी। सभी पीड़ित परिवारों ने एकजुट होकर पुलिस और प्रशासन के समक्ष लिखित शिकायत देने का फैसला किया है।

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