ख़बरिस्तान नेटवर्क। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर यात्री को लगातार दूसरी बार लैंडिंग के वक्त परेशानी और डर का सामना करना पड़ा। जहाज लैंड करते-करते अचानक फिर आसमान में उड़ गया और कुछ देर बाद दोबारा लैंडिंग हुई। जालंधर निवासी यात्रियों ने बताया कि ऐसा उनके साथ पिछले साल अक्तूबर महीने में भी हुआ था।
उन्होंने कहा अब उन्हें चंडीगढ़ एयरपोर्ट सेफ नहीं लग रहा है। ये एयरपोर्ट प्रबंधन की लापरवाही है। अगर रनवे क्लियर नहीं तो जहाज लैंडिंग कैसे कर सकता है। ऐसा बार-बार होने की जांच होनी चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है। अगर पायलट सूझबूझ न दिखाएं तो कोई भी हादसा हो सकता है।
यात्रियों ने बताया कि इंडिगो की फ्लाईट नंबर 6ई-851 ने बीते दिन दोपहर 3.25 बैंगलुरू से उड़ान भरी, जिसमें जालंधर के दो यात्री सवार थे। फ्लाईट ने शाम को 6.25 पर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर लैंड करना था। पर फ्लाइट 30 मिनट देर से चल रही थी पायलट ने जानकारी दी की अब लैंड करने जा रहे हैं। जहाज नीचे की ओर जाने लगा एयरपोर्ट के रनवे पर नीचे की ओर जाते-जाते जहाज ने एक बार फिर ऊपर उड़ान भर ली। एक बार तो वह डर गए कि ऐसा क्यों हुआ।
उन्होंने बताया कि ऐसा उनके साथ दूसरी बार हुआ है। इससे पहले अक्तूबर महीने में भी वह बैंगलुरू से आ रहे थे। दिल्ली में इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से रात करीब साढ़े नौ बजे उड़ी इंडिगो एयरलाईन की फ्लाईट (6E2194) ने रात करीब ग्यारह बजे चंडीगढ़ लैंड करना था। जैसे ही चंडीगढ़ एयरपोर्ट के ऊपर पहुंची। पायलट जहाज को रनवे की तरफ नीचे ले गया।
जहाज काफी नीचे तक आ चुका था कि अचानक पायलट जहाज को फिर आसमान में ले गया। तब तो सभी यात्री डर गए थे कि ऐसा क्यों हुआ। तब पायलट ने इसकी वजह रनवे क्लियर न होने बताया था। यह पायलट और एयरपोर्ट अथॉरिटी के बीच दुविधा को दर्शाता है जो कभी भी किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है।