ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसके बावजूद तस्करों के हौंसले पस्त नहीं हो रहे। पुलिस ने विशेष नाकाबंदी के दौरान 42 पेटी नाजायज शराब बरामद कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि शराब की यह खेप ‘फ्रेंड्स वाइन’ के ठेकेदार की ओर से मुहैया करवाई गई थी। अब पुलिस शराब की सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच में जुट गई है और संबंधित ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने पकड़ी शराब की खेप
जालंधर में पुलिस की ओर से चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के तहत बीती रात विशेष नाकाबंदी की गई थी। इस दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन से 42 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही शराब की तस्करी में शामिल पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शराब की खेप कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान चैरी पुत्र कमलजीत सिंह, इशू पुत्र अशोक कुमार निवासी कृष्णा नगर, अश्विनी कुमार पुत्र विक्की कुमार निवासी बाल्मिकी मोहल्ला करतार खां, गगनदीप पुत्र त्रिलोक चंद और राम उर्फ बबलू पुत्र राम पाल निवासी हरगोबिंद नगर के रूप में हुई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान शराब की सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आने की भी संभावना है।
‘फ्रेंड्स वाइन’ से शराब मिलने का आरोप
शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बरामद शराब की खेप उन्हें ‘फ्रेंड्स वाइन’ के ठेकेदार की ओर से दी गई थी। आरोपी कथित तौर पर शराब लेकर शहर के अलग-अलग इलाकों में इसकी सप्लाई करने की तैयारी में थे। गौरतलब है कि इससे पहले भी पुलिस ने 50 पेटी शराब के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी शराब की सप्लाई के तार स्थानीय शराब ठेकेदार से जुड़ने की बात सामने आई थी। पुलिस ने संबंधित मामले में केस दर्ज किया था।
शराब तस्करी के नेटवर्क पर पुलिस की नजर
लगातार सामने आ रहे अवैध शराब तस्करी के मामलों के बाद पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई केवल शराब की तस्करी करने वालों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि शराब मुहैया करवाने वाले ठेकेदारों और उनके कारिंदों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।









