पंजाब में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस ऑडियो को X पर शेयर करते हुए दावा किया है कि पुलिसकर्मियों को पहचान छिपाने के लिए ड्यूटी पर आते-जाते समय वर्दी न पहनने के निर्देश दिए गए हैं। वही मंत्री हरपाल चीमा ने भी वायरल दावों को फर्जी बताया है।
यह मामला अमृतसर में ASI हरजीत सिंह की हत्या के बाद सामने आया है। हरजीत सिंह को ड्यूटी से लौटते समय बाइक सवार हमलावरों ने गोली मार दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में एक आरोपी दीपक सिंह को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है।
वायरल ऑडियो में क्या दावा?
वायरल ऑडियो में एक महिला की आवाज सुनाई दे रही है। वह खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कह रही है कि पुलिसकर्मियों को वर्दी, बेल्ट, पहचान चिन्ह या ऐसा कोई सामान पहनकर आने से बचना है, जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके।
ऑडियो में कथित तौर पर कहा गया है कि पुलिस कर्मचारी थाने तक सिविल ड्रेस में आएं और ड्यूटी खत्म होने के बाद थाने में ही वर्दी बदलकर घर जाएं। महिला पुलिसकर्मियों को भी इसी तरह सिविल ड्रेस में आने-जाने की बात कही गई है।ऑडियो में यह दावा भी किया जा रहा है कि कुछ और पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की आशंका है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राजा वड़िंग और बिक्रम मजीठिया ने शेयर किया ऑडियो
राजा वड़िंग ने सोशल मीडिया पर ऑडियो शेयर करते हुए पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। पूर्व अकाली मंत्री बिक्रम मजीठिया ने भी इसी ऑडियो को पोस्ट किया है।वायरल पोस्टों के साथ कुछ कथित निर्देश भी शेयर किए जा रहे हैं। इनमें थानों, चौकियों, पुलिस कैंपों और संवेदनशील जगहों के आसपास संदिग्ध लोगों और वाहनों पर नजर रखने की बात कही गई है।
इसके अलावा रात के समय चेकिंग बढ़ाने, नाकों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, पुलिसकर्मियों को अकेले आने-जाने से बचने और बडी पेयर सिस्टम अपनाने जैसे दावे भी किए जा रहे हैं।
पंजाब पुलिस ने दावों को बताया फर्जी
दूसरी तरफ पंजाब पुलिस ने इन वायरल दावों का खंडन किया है। पुलिस के मुताबिक, पंजाब पुलिस मुख्यालय या उसके अधीन किसी भी पुलिस कार्यालय की ओर से कर्मचारियों को ड्यूटी पर जाते या लौटते समय वर्दी न पहनने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऐसे संदेशों को फर्जी बताया है और लोगों से अपील की है कि वे पुलिस से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें। वही मंत्री हरपाल चीमा ने भी वायरल दावों को फर्जी बताया है।
इस तरह फिलहाल वायरल ऑडियो में किए गए दावे और पंजाब पुलिस के आधिकारिक खंडन के बीच विरोधाभास है। ऑडियो में बताए गए सुरक्षा निर्देशों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।









