ख़बरिस्तान नेटवर्क : अमेरिका और यूरोप के कई देश अवैध तरीके से रह रहे लोगों को डिपोर्ट कर रहे हैं। डिपोर्टेशन पर ट्रंप सरकार ने सख्त रवैया दिखाया हुआ है। जिस कारण अमेरिका ने जनवरी से लेकर मार्च महीने तक 414 भारतीयों को डिपोर्ट किया है, तो वहीं यूरोप से 174 भारतीय डिपोर्ट किए गए हैं। कुल मिलाकर पहली तिमाही में 588 भारतीय डिपोर्ट हुए हैं। इसका खुलासा खुद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने राज्यसभा में किया है।
ब्रिटेन और साइप्रस भी डिपोर्ट करने में आगे
विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक डिपोर्ट करने में सिर्फ अमेरिका ही आगे नहीं है, बल्कि ब्रिटेन और साइप्रस जैसे देश भी इसमें शामिल हैं। अमेरिका के बाद अगर सबसे ज्यादा किसी देश ने भारतीयों को डिपोर्ट किया तो वह ब्रिटेन है। ब्रिटेन ने 57 भारतीयों को निकाला है, तो वहीं साइप्रस ने 53 भारतीयों को अपने देश से बाहर का रास्ता दिखाया है। इसके अलावा ग्रीस, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्वीडन, बेल्जियम और अन्य देशों से भी भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया।
लगातार बढ़ रहा है डिपोर्टेशन का आंकड़ा
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक साल 2023 में 617, 2024 में 1,368 और 2025 में 2,025 भारतीयों को अमेरिका से वापस भेजा गया था। 2026 के शुरुआती तीन महीनों में ही यह संख्या 414 तक पहुंच चुकी है। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को ठगने वाले अवैध एजेंटों और फर्जी भर्ती नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
सरकार फर्जी एजेंटों पर कर रही है कार्रवाई
सरकार ने आगे बताया कि शिकायत मिलने पर मामलों को संबंधित राज्य पुलिस को जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। अक्टूबर 2025 तक eMigrate पोर्टल पर 3,505 गैर-रजिस्ट्रर्ड एजेंटों को लिस्ट किया जा चुका है। वहीं कई के खिलाफ कार्रवाई भी की जा चुकी है।








