पेपर लीक के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 30 जुलाई को संसद के दोनों सदनों में एंटी पेपर लीक से जुड़े अहम बिल को मंजूरी मिल गई। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात सोशल मीडिया पर वीडियो संदेश जारी कर इसे परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
PM मोदी ने कहा कि देश के कई राज्य लंबे समय से पेपर लीक की समस्या से जूझ रहे हैं। पेपर लीक करने वाले गिरोह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं, इसलिए ऐसे गैंग के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसके तहत टास्क फोर्स और फास्ट ट्रैक जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। राज्यों से मिले सुझावों को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दशकों से केंद्र और राज्य सरकारों के सामने पेपर लीक एक बड़ी चुनौती रहा है। इसे देखते हुए देशभर की परीक्षा और शिक्षा व्यवस्था में सुधार जरूरी हो गया है। परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए टेक्नोलॉजी के अधिक से अधिक इस्तेमाल की जरूरत है।
PM मोदी ने कहा कि पेपर माफिया और पेपर लीक करने वाले गैंग को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने संसद में कठोर प्रावधानों वाला बिल पेश किया था, जिसे अब दोनों सदनों ने पास कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण काम पूरा हुआ है, लेकिन सुधारों का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि देश ऐसी परिस्थितियों को लंबे समय तक नहीं चलने देगा और सभी मिलकर विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।








