ख़बरिस्तान नेटवर्क : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों ने मंगलवार को ‘Save Democracy March’ निकाला। यह मार्च नई संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक प्रस्तावित था। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने दोनों नेताओं समेत अन्य प्रदर्शनकारियों को बस में बैठाकर मौके से ले जाने की कोशिश की। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने पुलिस की बस को आगे बढ़ने से रोक दिया।
बस से उतरकर आकाशवाणी भवन पहुंचे विपक्षी नेता
पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेता बस से उतर गए। इसके बाद वे आकाशवाणी भवन में चले गए। बताया गया कि चुनाव आयोग का कार्यालय आकाशवाणी भवन से करीब 270 मीटर की दूरी पर है।
मार्च के दौरान पुलिस ने विपक्षी सांसदों को कई बार आगे बढ़ने से रोका। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बैरिकेडिंग को लेकर भी स्थिति बनी रही।
तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी
प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी हाथ में तिरंगा लेकर बैरिकेड पर चढ़ते हुए भी नजर आए। इस दौरान उनके हाथ में एक पोस्टर भी दिखाई दिया, जिस पर ‘Gyanesh, It’s Done Bro’ लिखा हुआ था। विपक्षी दल चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
5 दिनों में चुनाव आयोग के खिलाफ पांचवां प्रदर्शन
चुनाव आयोग के खिलाफ देश में पिछले पांच दिनों में यह पांचवां प्रदर्शन बताया जा रहा है। विपक्षी दलों का यह मार्च नई संसद से चुनाव आयोग के कार्यालय तक जाना था। प्रदर्शन शुरू होने के करीब ढाई घंटे बाद भी मौके पर राजनीतिक गतिविधियां और पुलिस की तैनाती जारी रही।
अगस्त 2025 में भी निकाला था मार्च
इससे पहले INDIA गठबंधन के नेताओं ने 11 अगस्त 2025 को भी संसद भवन से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकाला था। उस प्रदर्शन में राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, शरद पवार समेत विपक्षी दलों के कई नेता और सांसद शामिल हुए थे। इस बार भी विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के खिलाफ एकजुट होकर प्रदर्शन किया है।









