बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में वाल्मीकि समाज ने आज, 30 जुलाई को दोबारा पंजाब बंद का आह्वान किया है। समाज की ओर से बाजार, स्कूल, कॉलेज, मॉल और अन्य संस्थानों को बंद रखने की अपील की गई है। बंद का असर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक रहने की बात कही गई है।
लुधियाना, बठिंडा, होशियारपुर, फाजिल्का, कपूरथला, अमृतसर, पटियाला, पठानकोट और गुरदासपुर समेत कई जिलों की सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संस्थाओं ने बंद को समर्थन दिया है। हालांकि, जालंधर में बंद नहीं रखा जाएगा। यहां केवल प्रदर्शन किया जाएगा।
वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं का आरोप है कि बरनाला में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई सफाई कर्मचारी घायल हुए। महिलाओं के साथ भी कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने बरनाला के DSP के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
गुरदासपुर और लुधियाना में भी समर्थन
गुरदासपुर ट्रेड यूनियन ने 30 जुलाई के पंजाब बंद का समर्थन किया है। वहीं लुधियाना में भाजपा और दलित भाईचारे से जुड़े नेता यशपाल चौधरी ने लोगों से बंद को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने की अपील की है।
अमृतसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
बुधवार को अमृतसर में वाल्मीकि समाज के लोगों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों के पुतले भी तैयार किए और अपना रोष जाहिर किया।
भगवान वाल्मीकि शक्ति दल के चेयरमैन डॉ. जैमल सिंह वडाला और डॉ. बीआर अंबेडकर भलाई मंच के चेयरमैन ओम प्रकाश अनारिया ने कहा कि बंद को संत समाज समेत कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों का समर्थन मिला है।
हालांकि, बंद के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस सेवाएं और मेडिकल स्टोर खुले रखने की बात कही गई है, ताकि लोगों को जरूरी सेवाओं में परेशानी न हो।
जालंधर में नहीं रहेगा बंद
जालंधर की विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि 30 जुलाई को शहर में बंद नहीं रखा जाएगा। उनके मुताबिक, जालंधर पहले ही 27 जुलाई को बंद का समर्थन कर चुका है। इसलिए आज केवल प्रदर्शन किया जाएगा।
आखिर बरनाला में क्या हुआ था?
सफाई कर्मचारी पक्की नौकरी, वेतन बढ़ोतरी और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने समेत कई मांगों को लेकर 8 जुलाई से हड़ताल पर हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद 22 जुलाई को बरनाला नगर निगम और जिला प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा में शहर से कूड़ा हटाने का अभियान शुरू किया था।
इसी दौरान हड़ताली सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस पर लाठीचार्ज और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने के आरोप लगे। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिनमें महिला सफाई कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट के आरोप भी सामने आए।









