ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में दीपावली के मद्देनजर पठानकोट रोड स्थित गांव राओवाली में पटाखा मार्केट लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को रेडक्रॉस भवन में पटाखों की अस्थायी दुकानें लगाने के लिए कारोबारियों का लकी ड्रॉ निकाला गया। करीब 410 आवेदकों में से 20 कारोबारियों का चयन किया गया, जबकि दो अतिरिक्त नाम भी ड्रॉ के जरिए निकाले गए। प्रशासन ने चयनित कारोबारियों के लाइसेंस जारी कर दिए हैं। हालांकि, पटाखा मार्केट के प्रधान विकास भंडारी के मुताबिक, दुकानें तैयार करने के लिए अब केवल 3 से 4 दिन का समय बचा है।
410 आवेदकों में से 20 कारोबारियों का चयन
गांव राओवाली में पटाखा मार्केट लगाने के लिए करीब 410 कारोबारियों ने अस्थायी दुकानों के लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। रेडक्रॉस भवन में आयोजित ड्रॉ के दौरान इनमें से 20 कारोबारियों के नाम निकाले गए। इसके अलावा दो अतिरिक्त नाम भी चुने गए, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें मौका दिया जा सके।
एडीसी अमनिंदर कौर ने बताया कि अतिरिक्त ड्रॉ निकालने का उद्देश्य वैकल्पिक व्यवस्था रखना है। अगर चयनित 20 आवेदकों में से किसी का लाइसेंस रद्द होता है तो उसकी जगह अतिरिक्त सूची में शामिल कारोबारियों को मौका दिया जा सकता है।
दुकानों के बाहर रेत, पानी और अग्निशमन के इंतजाम जरूरी
प्रशासन ने चयनित कारोबारियों को लाइसेंस जारी करने के साथ निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक दुकान के बाहर रेत से भरी बाल्टियां, पानी की टंकियां और अग्निशमन से जुड़ी जरूरी सुविधाएं रखना अनिवार्य किया गया है। इन इंतजामों का उद्देश्य पटाखों की बिक्री के दौरान आग लगने या किसी अन्य अप्रिय घटना की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
कोर्ट केस के कारण 6 दिन खराब होने का दावा
पटाखा मार्केट के प्रधान विकास भंडारी ने कहा कि अभी तक दुकानें तैयार नहीं हो पाई हैं। उनके मुताबिक, गांव के सरपंच की ओर से अदालत में याचिका दायर किए जाने के कारण करीब छह दिन का समय खराब हो गया था। हालांकि, बाद में दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समझौता हो गया और अदालत से केस वापस ले लिया गया। विकास भंडारी का कहना है कि कम समय मिलने के कारण कारोबारियों के लिए इस बार भी खर्च निकालना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल भी कारोबारियों की पूरी रिकवरी नहीं हो पाई थी।
3 एकड़ से बढ़ाकर 13 एकड़ में लगाई जा रही मार्केट
पटाखा मार्केट के प्रधान ने जगह उपलब्ध करवाने को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पटाखा मार्केट लगाने के लिए उपयुक्त स्थान मिलने में हर बार परेशानी आती है और कारोबारियों को खुद ही निजी जमीन तलाशनी पड़ती है। पिछले साल करीब 3 एकड़ जगह में मार्केट लगाई गई थी, जहां पार्किंग की समस्या सामने आई थी। इस बार कारोबारियों ने करीब 13 एकड़ जगह पर मार्केट लगाने की तैयारी की है, ताकि दुकानों और पार्किंग के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध हो सके।









