लुधियाना में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दो शूटरों की पहचान को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने दोनों मृतकों की तस्वीरें पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (PAIS) में अपलोड की थीं। AI फेस रिकग्निशन के जरिए एक की पहचान करनजोत सिंह उर्फ नोनू और दूसरे की पहचान अमृतसर निवासी संदीप के रूप में हुई थी।
बाद में पुलिस को पता चला कि संदीप जिंदा है और जमानत पर बाहर है। इसके बाद पुलिस ने दोबारा जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि एनकाउंटर में मारा गया दूसरा शूटर गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी (18) था, जो जालंधर के धीणा गांव का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक, गुरप्रीत का चेहरा संदीप से काफी मिलता-जुलता था, जिसके चलते AI सिस्टम से पहचान में गलती हुई।
पुलिस टीम ने अमृतसर जाकर संदीप का फिजिकल वेरिफिकेशन भी किया। पुलिस के अनुसार, संदीप पहले एक आपराधिक मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर है। हालांकि, ब्लड डोनेशन कैंप में प्रस्तावित हमले की साजिश से उसका कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है।
13 सितंबर को हुआ था एनकाउंटर
पुलिस को इनपुट मिला था कि बाइक सवार दो शूटर आत्मा पार्क में लगे ब्लड डोनेशन कैंप में पहुंचकर विरोधी गैंग के सदस्यों को निशाना बनाने वाले हैं। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोप है कि शूटरों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान करीब 25 राउंड फायरिंग हुई। दोनों शूटरों को गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जालंधर फायरिंग केस में थे वांटेड
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों शूटर 20 जून 2026 को जालंधर के थाना डिवीजन नंबर-5 में दर्ज फायरिंग केस में वांटेड थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, विदेशी गैंगस्टरों डोनी बल और शगनप्रीत के निर्देश पर ब्लड डोनेशन कैंप में हमला करने का टास्क दिया गया था। पुलिस को मुठभेड़ के बाद अत्याधुनिक हथियार भी बरामद हुए हैं। इनमें से एक हथियार पाकिस्तान निर्मित होने का संदेह जताया गया है। AI से हुई गलत पहचान के बाद अब पुलिस पूरे मामले में मृतक शूटर की पहचान और गैंग कनेक्शन की दोबारा जांच कर रही है।








