मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर चल रहा इंसाफ मोर्चा अब और तेज होने जा रहा है। इंसाफ कमेटी ने ऐलान किया है कि 31 अक्टूबर को पूरे पंजाब में विधायकों के घरों का घेराव किया जाएगा। इससे पहले 30 अक्टूबर को 50 संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें आंदोलन में शामिल होने का न्योता दिया जाएगा। कमेटी ने गिरफ्तार किए गए लक्खा सिधाना, मोहनजीत शेरों समेत अन्य युवाओं को रिहा करने की मांग भी उठाई है।
31 अक्टूबर को विधायकों के घरों का होगा घेराव
इंसाफ मोर्चे के दौरान कमेटी के नेताओं ने आंदोलन की अगली रणनीति का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि 30 अक्टूबर को विभिन्न संगठनों के साथ बैठक की जाएगी, ताकि आंदोलन को और व्यापक बनाया जा सके। इसके बाद 31 अक्टूबर को पंजाबभर में विधायकों के घरों का घेराव किया जाएगा। कमेटी ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए लक्खा सिधाना, मोहनजीत शेरों और अन्य युवाओं की रिहाई की मांग भी दोहराई है।
धरनास्थल पहुंचे स्पेशल डीजीपी, सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
झोटा हत्याकांड को लेकर जारी धरने के बीच बुधवार देर शाम पंजाब पुलिस के स्पेशल डीजीपी परवीन सिन्हा समेत वरिष्ठ अधिकारी मानसा पहुंचे। अधिकारियों ने धरनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों से बातचीत की। इस दौरान एडीजीपी गौतम चीमा, आईजी हरजीत सिंह और एसएसपी वैभव चौधरी भी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने पुलिस की तैनाती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के इंतजामों की समीक्षा की। हत्याकांड के समाधान को लेकर पूछे जाने पर स्पेशल डीजीपी ने बताया कि पुलिस मामले में काम कर रही है और समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
अश्वनी कुमार समेत तीन आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
वहीं, हत्याकांड के आरोपी अश्वनी कुमार समेत तीन आरोपियों को मोहाली स्थित सीबीआई अदालत में पेश किया गया। पांच दिन का रिमांड पूरा होने के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इससे पहले अश्वनी कुमार की पत्नी नीलम रानी को भी अदालत 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
दलजीत सिंह का एम्स में हुआ पोस्टमार्टम
इस मामले से जुड़े घटनाक्रम के बीच पुलिस अधिकारियों ने भम्मे कलां के युवक दलजीत सिंह के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसका पोस्टमार्टम एम्स अस्पताल में करवाया गया है।फिलहाल, एक ओर इंसाफ कमेटी आंदोलन को पंजाबभर में फैलाने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस मामले की जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। अब 30 अक्टूबर की बैठक और 31 अक्टूबर को प्रस्तावित घेराव को लेकर आगे की स्थिति पर सबकी नजरें टिकी हैं।









