ख़बरिस्तान नेटवर्क : बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश में भारी तबाही मचाई है। मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे तूफान आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इस दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हुई। तूफान के कारण राज्य में अब तक 3 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि 31 घरों को नुकसान पहुंचा है।
हालात को देखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया है। आंध्र प्रदेश में करीब 57 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तूफान का असर रेल और हवाई यातायात पर भी पड़ा है। एहतियात के तौर पर 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा तथा विशाखापट्टनम एयरपोर्ट से संचालित होने वाली 21 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
ओडिशा के 16 जिलों में स्कूल बंद
चक्रवाती तूफान का असर पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी देखने को मिल रहा है। भारी बारिश की आशंका और बिगड़ते मौसम को देखते हुए राज्य के 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। प्रशासन ने एहतियातन करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में राहत कार्यों के लिए करीब 4,000 साइक्लोन शेल्टर तैयार किए गए हैं। इन आश्रय स्थलों में प्रभावित और जोखिम वाले इलाकों से निकाले गए लोगों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
विशाखापट्टनम में 18 घंटे में 200 मिमी से ज्यादा बारिश
तूफान के कारण विशाखापट्टनम में बारिश का असर बेहद गंभीर रहा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक करीब 18 घंटे में यहां 200 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। यह मात्रा विशाखापट्टनम में जुलाई के दौरान होने वाली औसत बारिश से डेढ़ गुने से भी अधिक है। यहां जुलाई में औसतन करीब 133 मिलीमीटर बारिश होती है। कम समय में इतनी अधिक बारिश होने से जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
राहत और बचाव कार्यों पर प्रशासन की नजर
तूफान से प्रभावित इलाकों में प्रशासन राहत और बचाव कार्यों पर नजर बनाए हुए है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ-साथ यातायात सेवाओं में भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं। फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में मौसम और नुकसान की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।









