ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के मकसूदां स्थित नई सब्जी मंडी में बोर्ड उतारने की बात को लेकर अचानक माहौल गरमा गया। देखते ही देखते मंडी के आढ़तियों, व्यापारियों और संबंधित पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। रात के अंधेरे से शुरू हुई बोर्ड उतारने की यह होड़ सुबह तक बड़े विवाद में बदल गई, जिससे मंडी में काम-काज प्रभावित होने लगा था।
बिना दुकान वालों के अवैध कब्जे और बोर्ड उतारने पर भड़का गुस्सा
मामले की जानकारी देते हुए वाइस चेयरमैन जिम्मी कालिया ने बताया कि मंडी में कई अधिकृत दुकानदारों के पास माल बेचने के लिए फड़ तक की जगह नहीं है, जबकि जिन लोगों के पास अपनी कोई दुकान नहीं है, वे जगह पर नाजायज कब्जा करके बोर्ड लगाना चाह रहे थे। जिनके पास दुकानें नहीं हैं, उनके बोर्ड किसी भी हाल में नहीं लगने दिए जाएंगे।
गोल्डी खालसा ने हल किया मामला
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सब्जी मंडी के प्रधान गोल्डी खालसा ने मौके पर पहुंचकर बेहद कड़ा और दमदार रवैया अपनाया। उन्होंने अवैध रूप से बोर्ड उतारने और माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि मंडी के नियमों से खिलवाड़ और दादागिरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिसके अवैध कब्जा करने की फिराक में बैठे लोगों को पीछे हटना पड़ा।
वरिष्ठ आढ़तियों की मध्यस्थता से मंडी में लौटी शांति
गोल्डी खालसा के इस कड़े रुख के साथ-साथ सुभाष ढल्ल, और अन्य प्रमुख आढ़तियों ने भी मोर्चा संभाला। वरिष्ठ नेताओं की एकजुटता, सूझबूझ और सख्त रुख के कारण मामला शांत हुआ और इस विवाद को पूरी तरह से हल कर लिया गया।









