जालंधर में IAS कंवलप्रीत बराड़ से फिर ED की पूछताछ, 18 अगस्त को हुई थी साढ़े 8 घंटे की पूछताछ

जालंधर में पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ आज 10 दिनों के भीतर दूसरी बार प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचीं। वह सुबह करीब 10 बजे ED कार्यालय पहुंची और बिना किसी से बातचीत किए सीधे अंदर चली गईं। दफ्तर पहुंचने के बाद उन्होंने रजिस्टर में अपनी पेशी को लेकर हस्ताक्षर किए।

ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में पंजाब कैडर की IAS अधिकारी कंवलप्रीत बराड़ आज 10 दिनों के भीतर दूसरी बार प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचीं। वह सुबह करीब 10 बजे ED कार्यालय पहुंची और बिना किसी से बातचीत किए सीधे अंदर चली गईं। दफ्तर पहुंचने के बाद उन्होंने रजिस्टर में अपनी पेशी को लेकर हस्ताक्षर किए।

कंवलप्रीत बराड़ से मोहाली के एक प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पूछताछ की जा रही है। इससे पहले ED ने उन्हें 18 अगस्त को पूछताछ के लिए बुलाया था, जहां उनसे करीब साढ़े 8 घंटे तक पूछताछ हुई थी।

दूसरी बार पूछताछ के लिए ED ने बुलाया
पुलिस की FIR के आधार पर ED इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है। इसी जांच के सिलसिले में कंवलप्रीत बराड़ को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले में मुख्य प्रमोटर अजय सहगल को ED पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। एजेंसी की जांच मोहाली में एक प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित वित्तीय और दस्तावेजी अनियमितताओं के इर्द-गिर्द चल रही है।

CLU की मंजूरी को लेकर भी जांच
मिली जानकारी के मुताबिक, मामला मोहाली स्थित प्रोजेक्ट से जुड़ा है। ED की जांच में प्रोजेक्ट के लिए जमीन के लैंड यूज में बदलाव यानी चेंज ऑफ लैंड यूज (CLU) की मंजूरी में कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है। इसी कड़ी में संबंधित अधिकारियों और प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, इस मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

2020 में जमीन मालिक ने दर्ज कराई थी शिकायत
मामले की शुरुआत मोहाली के पल्हेरी गांव के जमीन मालिक करमजीत सिंह की 2020 में पुलिस को दी गई शिकायत से हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सनटेक सिटी के प्रमोटरों ने उनकी 53 कनाल जमीन समेत 14 अन्य किसानों की कुल करीब 30.5 एकड़ जमीन के कथित फर्जी सहमति पत्र तैयार किए। शिकायत में इन दस्तावेजों पर किसानों के जाली हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लगाए जाने का आरोप लगाया गया था।

जांच रिपोर्ट के बाद 2022 में दर्ज हुई FIR
मामले की जांच तत्कालीन मोहाली SP (इन्वेस्टिगेशन) हरमनदीप हंस ने की थी। जांच रिपोर्ट में कथित जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़े आरोप सामने आने की बात कही गई। इसके बाद नवंबर 2022 में मुल्लांपुर थाने में FIR दर्ज की गई। यही FIR आगे ED की मनी लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बनी। पुलिस केस के आधार पर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मोहाली और चंडीगढ़ में 12 ठिकानों पर छापेमारी
जांच आगे बढ़ने के बाद ED ने मोहाली और चंडीगढ़ में 12 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। एजेंसी ने सनटेक सिटी के प्रमोटर अजय सहगल के अलावा ABS टाउनशिप और Eltus Space Builders से जुड़े अधिकारियों और निदेशकों से भी पूछताछ की। अब IAS कंवलप्रीत बराड़ से दूसरी बार हुई पूछताछ को इसी जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। ED की पूछताछ में किन बिंदुओं पर जानकारी ली गई और आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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