जालंधर के अलास्का चौक पर करतार बस की चपेट में आने से एक्टिवा सवार डिलीवरी बॉय की मौत के मामले में अब सियासत तेज हो गई है। हादसे को लेकर विपक्ष लगातार बस के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है। सोमवार को भाजपा जिला प्रधान अशोक सरीन हिक्की की अगुवाई में भाजपा कार्यकर्ता पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने करतार बस के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर को मांग पत्र सौंपा।
अशोक सरीन ने कहा कि शहर में ट्रकों की एंट्री के लिए नो-एंट्री के नियम लागू हैं, लेकिन बसों की शहर में एंट्री को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है। उन्होंने मांग की कि स्टेशन, भगत सिंह चौक समेत शहर के संकरे रास्तों पर बसों की आवाजाही के लिए समय सीमा तय की जानी चाहिए।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ट्रकों की नो-एंट्री को लेकर कानून है, लेकिन बसों की आवाजाही रोकने के लिए फिलहाल ऐसा कोई कानून नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर में बसों की एंट्री को लेकर एक रूट और टाइमिंग चार्ट तैयार किया जाएगा, जिसमें बसों के आने-जाने का समय निर्धारित किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर की ओर से सरकार को पत्र भी भेजा गया है। इसमें जालंधर में बसों की नो-एंट्री को लेकर कानून बनाने की मांग की गई है। यह नियम सभी बसों पर लागू करने की बात कही गई है।
भाजपा नेता अशोक सरीन ने कहा कि बस हादसे में युवक की मौत की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर में बसों से जुड़े कई हादसे हो चुके हैं।
वहीं भाजपा नेता केडी भंडारी ने कांग्रेस नेता का नाम लिए बिना कहा कि जो नेता विधानसभा में कानून बनाते हैं, वही कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता के कथित गरूर को अब रोका जाएगा। पुलिस कमिश्नर ने भाजपा नेताओं को 2 से 3 दिन में कार्रवाई को लेकर आश्वासन दिया है।









