ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर में Vani Visa Services ट्रैवल एजेंट पर विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी के आरोप लगे हैं। पीड़ित गुरप्रीत ने मीडिया के सामने आकर ट्रैवल एजेंट कंपनी पर लाखों रुपए लेकर भी विदेश न भेजने के आरोप लगाए हैं। जब उन्होंने पैसे वापिस मांगे तो टाल-मटोल करने लगे और ऑफिस को ताला लगाकर भाग गए।
सोशल मीडिया पर एड देख किया था संपर्क
पीड़ित गुरप्रीत ने बताया कि एमबीडी मॉल में स्थित वाणी वीजा सर्विस का एड सोशल मीडिया पर देखा था। जिसके बाद उन्होंने कंपनी के एजेंट के साथ संपर्क किया। जिसके बाद अजरबैजान जाने के लिए उसने 15 जून 2025 में एजेंट संचालक बलराम सिंह उर्फ शेरा, उसका भाई और मैडम शिवानी से ऑफिस में आकर मिला। जहां उन्होंने 1.40 हजार रुपए विदेश भेजने के और 5 हजार रुपए मेडिकल करवाने के लिए थे। ऐसे में पीड़ित द्वारा ट्रैवल एजेंट को अजरबैजान भेजने के लिए 1.45 लाख रुपए दिए गए।
अजरबैजान की नकली टिकट दी
पीड़ित ने आगे कहा कि उसके साथ उसकी कजन 2 भाईयों ने भी अजरबैजान का वीजा साथ में लगवाया। आरोप है कि ट्रैवल एजेंट ने 9 जुलाई को उन्हें अजरबैजान की टिकट दी, लेकिन वह डुप्लीकेट थी। जिसके बाद वह सीजफायर का बहाना बनाकर उन्हें विदेश जाने के लिए टालता रहा। ऐसे में जब उनके विदेश ना भेजे जाने पर पैसे वापिस मांगे गए तो वह फिर से टाल-मटौल करने लगा।
DC को शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
पीड़ित गुरप्रीत ने आगे कहा कि उन्होंने इस मामले में जालंधर के डिप्टी कमिश्नर को शिकायत भी लिखी गई। लेकिन बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब ट्रैवल एजेंट का ऑफिस भी बंद आ रहा है। एक साल से अधिक समय हो गया, लेकिन ट्रैवल एजेंट कोई फोन नहीं उठा रहा।
गुरप्रीत ने कहा कि उसके द्वारा पेमेंट नगद ट्रैवल एजेंट को दी गई। हालांकि गोविंद नामक भाई को एक लाख रुपए ट्रैवल एजेंट द्वारा दिए गए। लेकिन वह एक साल से इंसाफ को लेकर भटक रहे है। ऐसे में पीड़ित परिवार ने ट्रैवल एजेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगाई है।









