सावन के तीसरे सोमवार पर अशोकधाम के बाद अब नागचंद्रेश्वर मंदिर में भारी भीड़ के बीच हादसे की घटना सामने आई हैं। मध्य प्रदेश के उज्जैन में नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के दौरान 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जबकि बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में भगदड़ मचने से 7 महिलाओं की मौत हो गई और 12 से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं।
उज्जैन में 13 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी
सावन के तीसरे सोमवार और साल में एक बार खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए उज्जैन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। इस दौरान हरसिद्धि मंदिर के सामने बैरिकेडिंग वाले क्षेत्र में भीड़ का दबाव बढ़ गया।
भीड़ के दबाव और घबराहट के चलते कई श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद करीब 13 लोगों को परिजन और सुरक्षाकर्मी उज्जैन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। फिलहाल सभी का इलाज जारी है और डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं।
नागचंद्रेश्वर मंदिर महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित है। यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाता है। इस बार नागपंचमी और सावन का तीसरा सोमवार एक ही दिन होने के कारण उज्जैन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
लखीसराय में भगदड़, 7 महिलाओं की मौत
वहीं बिहार के लखीसराय में सावन के तीसरे सोमवार को अशोकधाम मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई। हादसे में 7 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 12 से ज्यादा श्रद्धालु घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के मुताबिक, श्रद्धालुओं की लाइन मंदिर से अशोकधाम स्टेशन तक पहुंच गई थी। इसी दौरान पुरुषों की लाइन की तरफ एक खंभा गिर गया। इसके बाद भीड़ में यह अफवाह फैल गई कि बिजली की चालू लाइन का तार लोगों पर गिर गया है।
लखीसराय डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, गिरा हुआ तार बिजली का नहीं, बल्कि डिश/इंटरनेट का केबल वायर था। करंट लगने की अफवाह के बाद पुरुषों की तरफ से भीड़ का दबाव महिलाओं की लाइन पर बढ़ गया। इससे भगदड़ की स्थिति बन गई और कई महिलाएं एक-दूसरे के ऊपर गिर गईं। इस दौरान बैरिकेडिंग भी टूट गई।
डीएम के मुताबिक पुलिस और प्रशासन की टीम सुबह करीब 3 बजे से मौके पर मौजूद थी, लेकिन अचानक बढ़ी भीड़ के बीच हादसा महज कुछ मिनटों में हो गया। प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पोल गिरने और करंट लगने की बात सुनते ही लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए भागने लगे। इसी दौरान धक्का-मुक्की बढ़ी और कई श्रद्धालु गिर गए।
अशोकधाम मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार पर करीब 50 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी है। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्थिति संभालने में जुटी हैं।









