पंजाब में सरकारी बसों की हड़ताल जारी, सरकार से मीटिंग बेनतीजा; 1000+ रूट प्रभावित

Government bus strike continues in Punjab

पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सरकार के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया गया है। यूनियन ने 5 अगस्त तक हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, यूनियन नेताओं ने कहा है कि मंगलवार को मोहाली से चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया जाएगा।

रोडवेज, पनबस-PRTC कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन के प्रधान रेशम सिंह गिल ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों की मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। इसी के चलते कर्मचारियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा है।

2,900 से ज्यादा बसों पर असर

पंजाब सरकार के परिवहन बेड़े में 2,900 से अधिक बसें हैं। इनमें करीब 1,694 बसें पंजाब रोडवेज-पनबस और लगभग 1,304 बसें PRTC की हैं। ये बसें राज्य के अलावा दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश तक चलती हैं।

हड़ताल के कारण रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र, नौकरीपेशा लोग और दूसरे राज्यों में जाने वाले यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। सामान्य दिनों में सरकारी बसें 1,000 से ज्यादा लोकल और इंटरस्टेट रूटों पर चलती हैं।

जालंधर बस स्टैंड पर यात्रियों की परेशानी

सरकारी बसों का संचालन प्रभावित होने से जालंधर समेत प्रदेश के कई बस स्टैंडों पर यात्री बसों के इंतजार में परेशान दिखाई दिए। कई यात्रियों को निजी बसों और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा।

इस साल कई बार हो चुका है चक्का जाम

कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों ने इस साल अपनी मांगों को लेकर कई बार आंदोलन किया है। फरवरी में एक दिन की हड़ताल की गई थी। इसके बाद 10 जून को किलोमीटर स्कीम के विरोध में बसों का संचालन रोका गया।

24 से 26 जून तक राज्यव्यापी हड़ताल का ऐलान किया गया था, जिसे सरकार के साथ बैठक के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। इसके बाद 8 जुलाई को वेतन वृद्धि की मांग को लेकर कई जिलों में चक्का जाम हुआ, जबकि 15 जुलाई को चंडीगढ़ डिपो के कमेटी चेयरमैन की बर्खास्तगी के विरोध में कई डिपो में आंशिक रूप से बस सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

अब सरकार के साथ बैठक बेनतीजा रहने के बाद कर्मचारियों ने फिर हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। यूनियन का कहना है कि मांगों पर ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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