ख़बरिस्तान नेटवर्क : कांग्रेस नेता राणा गुरजीत सिंह के शिरोमणि अकाली दल या भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों के बीच उन्होंने इन खबरों को खारिज किया है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए राणा गुरजीत सिंह ने हंसते हुए कहा, “एक बात तो मानते हो कि मित्रां दा न चलदा है।” उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर उनके नाम की काफी चर्चा हो रही है।
भाजपा नेताओं से मुलाकात की खबरों को बताया गलत
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात के सवाल पर राणा गुरजीत सिंह ने सवालिया अंदाज में पूछा कि आखिर भाजपा का वरिष्ठ नेता कौन है? उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी भाजपा नेता से नहीं मिले हैं और पार्टी बदलने को लेकर चल रही बातें सोशल मीडिया की उपज हैं।
बोले- बिना पुष्टि के खबरें न चलाएं
कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया यूजर्स और पत्रकारों से अपील की कि किसी भी खबर को चलाने से पहले उसकी पुष्टि जरूर की जाए। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के खबरें प्रसारित करने से गलतफहमियां पैदा होती हैं। राणा गुरजीत सिंह ने अपने राजनीतिक रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वह और उनका परिवार कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े हुए हैं।
बेटे की राजनीति पर भी दिया बयान
राणा गुरजीत सिंह ने अपने बेटे का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही उनका बेटा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता हो, लेकिन उसकी सोच और विचारधारा पूरी तरह कांग्रेस से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी को भी गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
बोले- पार्टी छोड़ने की खबरों से कुछ नेता खुश हो रहे थे
राणा गुरजीत सिंह ने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि उनके अपने कुछ नेता भी शायद इन खबरों को सुनकर खुश हो रहे थे कि वह कांग्रेस छोड़ने वाले हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पार्टी छोड़ने को लेकर चल रही चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है। वह पंजाब के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाते रहेंगे।









