ख़बरिस्तान नेटवर्क : पंजाब एंड हरियाणा कोर्ट को जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा के रूप में नया चीफ जस्टिस मिल गया है। पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने उन्हें पद की शपथ दिलाई और इसके साथ ही वह हाईकोर्ट के 37वें चीफ जस्टिस बने। उनसे पहले जस्टिस शील नागू चीफ जस्टिस थे, पर जून में उनकी सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर नियुक्ति हुई थी।
कैबिनेट मीटिंग बुलाकर किया विरोध
इससे एक दिन पहले, रविवार (6 सितंबर) को पंजाब सीएम भगवंत मान ने इमरजेंसी कैबिनेट मीटिंग बुलाकर जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की नियुक्ति के खिलाफ प्रस्ताव पास किया था। इसमें कहा गया था कि पंजाब सरकार की सहमति मिलने तक चीफ जस्टिस को शपथ न दिलाई जाए। पंजाब सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भी इस मामले में अपील की थी।
नियुक्ति की सहमति न लेने के कारण किया जा रहा है विरोध
पंजाब सरकार ने जस्टिस मिश्रा की नियुक्ति का विरोध किया था। CM भगवंत मान का तर्क था कि जस्टिस मिश्रा की इस नियुक्ति को लेकर उनसे सहमति नहीं ली गई। उन्होंने शपथग्रहण समारोह रोकने की भी मांग की थी। वहीं वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की नियुक्ति का मामला संवेदनशील है। इस नियुक्ति में स्टैंडर्ड प्रोसीजर को फॉलो नहीं किया गया।









