टूथपेस्ट, साबुन और शैंपू खरीदने से पहले पैकेट पर जरूर देखें ये निशान, सरकार ने बदला नियम

केंद्र सरकार ने टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरीज की पैकेजिंग को लेकर नया नियम लागू किया है। अब इन उत्पादों के पैकेट पर यह बताना जरूरी होगा कि उनमें इस्तेमाल की गई सामग्री शाकाहारी है या मांसाहारी। इसके लिए पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में खास रंग का बिंदु लगाया जाएगा।

ख़बरिस्तान नेटवर्क : केंद्र सरकार ने टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, कॉस्मेटिक्स और अन्य टॉयलेटरीज की पैकेजिंग को लेकर नया नियम लागू किया है। अब इन उत्पादों के पैकेट पर यह बताना जरूरी होगा कि उनमें इस्तेमाल की गई सामग्री शाकाहारी है या मांसाहारी। इसके लिए पैकेज के मुख्य डिस्प्ले पैनल के ऊपरी हिस्से में खास रंग का बिंदु लगाया जाएगा।

शाकाहारी प्रोडक्ट पर हरा, मांसाहारी पर लाल या भूरा निशान
नए नियम के मुताबिक, जिन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री पूरी तरह शाकाहारी स्रोतों से है, उनकी पैकेजिंग पर हरे रंग का बिंदु लगाया जाएगा। वहीं, जिन उत्पादों में मांसाहारी स्रोत से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, उन पर लाल या भूरे रंग का बिंदु लगाना होगा। 21 सितंबर को जारी नोटिफिकेशन के साथ यह प्रावधान प्रभावी हो गया है।

सिर्फ प्रोडक्ट का नाम देखकर नहीं पता चलेगी सामग्री
सरकार की ओर से नियम में बदलाव की जरूरत इसलिए बताई गई है क्योंकि कई कॉस्मेटिक और टॉयलेटरी उत्पादों में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के नाम से उनके स्रोत का पता आसानी से नहीं चलता। मसलन, नारियल, जैतून, एलोवेरा और शीया बटर जैसे घटक पौधों से प्राप्त होते हैं।

दूसरी तरफ लैनोलिन भेड़ की ऊन से मिलता है, जबकि कोलेजन और जिलेटिन पशु स्रोतों से प्राप्त किए जा सकते हैं। इसी तरह ग्लिसरीन, स्टीयरिक एसिड और फैटी एसिड जैसे कुछ पदार्थ पौधों के साथ-साथ पशु वसा से भी तैयार किए जा सकते हैं। ऐसे में पैकेट पर लगा रंगीन बिंदु उपभोक्ताओं को उत्पाद की सामग्री के स्रोत के बारे में एक नजर में जानकारी देने में मदद करेगा।

छोटे पैक पर भी काम आएगा नया निशान
नए नियम का महत्व छोटे पैकेटों के मामले में और बढ़ जाता है। 60 मिलीलीटर तक के तरल उत्पाद और 30 ग्राम तक के ठोस उत्पादों की पैकेजिंग पर कई बार विस्तृत घटक सूची उपलब्ध नहीं होती। ऐसे पैक पर लगाया गया हरा या लाल-भूरा बिंदु उपभोक्ता को उत्पाद की प्रकृति समझने में मदद करेगा।

गलत रंग का निशान लगा हो तो कर सकते हैं शिकायत
अगर किसी ऐसे उत्पाद पर हरा निशान लगा है जिसमें पशु स्रोत से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल हुआ है, या शाकाहारी सामग्री वाले उत्पाद पर लाल अथवा भूरा बिंदु लगाया गया है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में उपभोक्ता संबंधित उत्पाद और उसकी पैकेजिंग की जानकारी के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसलिए खरीदारी के दौरान अब टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू और कॉस्मेटिक्स के पैकेट पर लगे इस निशान को भी देखा जा सकेगा।

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