पंजाब की राजनीति से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। अकाली दल वारिस पंजाब दे को बड़ा झटका लगा है। ED के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। खास बात यह है कि वह 23 सितंबर को ही पार्टी में शामिल हुए थे, लेकिन महज 4 दिन बाद उन्होंने खुद को पार्टी से अलग करने का ऐलान कर दिया।
निरंजन सिंह ने अपने इस्तीफे की जानकारी फेसबुक पोस्ट के जरिए दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पंजाब में ड्रग्स, भ्रष्टाचार, गैंगस्टर, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता जैसे मुद्दों को लेकर पार्टी को अपना समर्थन दिया था।
हालांकि, उन्होंने कहा कि कुछ मुद्दों पर उनके मतभेद हैं, जिनसे वह समझौता नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी लिखा कि सार्वजनिक जीवन में लोगों का आचरण भारतीय संविधान के अनुरूप होना चाहिए।निरंजन सिंह पंजाब में ED के जालंधर कार्यालय में डिप्टी डायरेक्टर रह चुके हैं। वह जगदीश सिंह भोला ड्रग सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच से जुड़े रहे हैं और इस दौरान कई चर्चित राजनीतिक नेताओं से पूछताछ भी कर चुके हैं।
वहीं, ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन की शुरुआत दिवंगत दीप सिद्धू ने की थी, जिसके बाद इसकी कमान अमृतपाल सिंह ने संभाली। अमृतपाल सिंह वर्तमान में असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं और पंजाब से सांसद हैं। निरंजन सिंह के अचानक इस्तीफे के बाद अब अकाली दल वारिस पंजाब दे में उनके फैसले को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।









