LPU मामले में अभी तक रेप या सुसाइड की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल दावों के बाद यूनिवर्सिटी में भारी बवाल हो गया।शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर एक छात्रा से कथित रेप और उसके बाद सुसाइड का मैसेज वायरल हुआ। इसके बाद छात्रों का गुस्सा भड़क गया और बड़ी संख्या में छात्र यूनिवर्सिटी परिसर में जुट गए।
छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तोड़फोड़ और आगजनी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी के बाहर पहुंचे और दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे जाम कर दिया।छात्रों की मांग थी कि कथित रेप मामले में FIR दर्ज की जाए। पुलिस ने बाद में अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की और जांच के लिए SIT का गठन किया।
हालांकि, पुलिस के मुताबिक अब तक न तो कोई कथित पीड़िता सामने आई है और न ही रेप या सुसाइड के ठोस सबूत मिले हैं। सोशल मीडिया पर किए गए दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसके बावजूद रविवार रात प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी।
मामले पर CM भगवंत मान ने सख्त संज्ञान लिया है और DGP गौरव यादव को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं।वहीं, LPU प्रशासन ने रेप और सुसाइड के आरोपों को बेबुनियाद बताया है और छात्रों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अब SIT की जांच से ही साफ होगा कि वायरल दावों की सच्चाई क्या है और आखिर इस पूरे विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।









