पूर्व ED अधिकारी निरंजन सिंह की “वारिस पंजाब दे” में एंट्री, बोले- पंजाब के लिए लोगों को सवाल पूछने होंगे

ख़बरिस्तान नेटवर्क : ED के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने अकाली दल (वारिस पंजाब दे) का दामन थाम लिया है। चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह और विधायक मनप्रीत सिंह अयाली की मौजूदगी में उन्हें पार्टी में शामिल कराया गया। पार्टी में उनकी एंट्री ऐसे समय हुई है, जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।

राजनीति में आने की नहीं थी इच्छा
पार्टी में शामिल होने के बाद निरंजन सिंह ने कहा कि वह मूल रूप से राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं और राजनीति में आने की उनकी कोई इच्छा नहीं थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में समाज में सवाल पूछने की प्रवृत्ति कम होती जा रही है और लोग अपने व्यक्तिगत नफा-नुकसान तक सीमित होते जा रहे हैं। व्यवस्था में बदलाव के लिए लोगों को सवाल उठाने होंगे और पंजाब के हित में अपनी भूमिका निभानी होगी।

नशे और भ्रष्टाचार को लेकर उठाए सवाल
निरंजन सिंह ने पंजाब में नशे और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे का कारोबार और भ्रष्टाचार बड़ी समस्याएं हैं, लेकिन राजनीतिक स्तर पर इसकी जिम्मेदारी लेने को लेकर गंभीरता नजर नहीं आती। राजनीतिक लोगों को जनता का मालिक समझने के बजाय जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। उनके मुताबिक, व्यवस्था में बदलाव तभी संभव है जब लोग सवाल पूछेंगे और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे।

चर्चित ड्रग केस की जांच से जुड़े रहे निरंजन सिंह
निरंजन सिंह अपने कार्यकाल के दौरान पंजाब के चर्चित ड्रग मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच से जुड़े रहे हैं। इनमें जगदीश भोला ड्रग रैकेट का मामला भी शामिल था। इसी जांच के दौरान उन्होंने तत्कालीन पंजाब सरकार में मंत्री रहे शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी।

ड्रग केस की जांच के दौरान निरंजन सिंह का जालंधर से कोलकाता ट्रांसफर भी हुआ था, जिसको लेकर विवाद सामने आया था। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने उनके ट्रांसफर पर रोक लगा दी थी। निरंजन सिंह ने 2021 में रिटायरमेंट ली थी।

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