पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की एंट्री हो गई है। एजेंसी ने बुधवार को जालंधर में इस मामले को लेकर केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राजबीर घुम्मन को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। हालांकि, यह राहत CBI की FIR से जुड़ी कार्रवाई के संबंध में थी।
क्या है पूरा मामला?
ED ने जुलाई और अगस्त 2026 में पंजाब के DGP गौरव यादव को तीन चिट्ठियां भेजी थीं। इनमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में FIR दर्ज करने की मांग की गई थी। एजेंसी ने आरोप लगाया था कि ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी टेंडर, नीतिगत फैसलों, जमीन और अन्य सरकारी मंजूरियों में कथित तौर पर दखल दिया गया।
ED के मुताबिक, नितिन गोहल की भूमिका सरकारी काम करवाने के इच्छुक लोगों और मुख्यमंत्री के OSD राजबीर घुम्मन के बीच कथित बिचौलिये के तौर पर सामने आई। एजेंसी ने वॉट्सऐप चैट और दूसरे डिजिटल सबूत मिलने का भी दावा किया है।
ED ने यह भी कहा कि तलाशी के दौरान दस्तावेज और डिजिटल सामग्री मिली। एजेंसी के दावे के मुताबिक, नितिन गोहल से जुड़े मामले में 20.98 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए।जांच में GMADA की जमीन, CLU यानी जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, प्रॉपर्टी सौदों और रियल एस्टेट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।









