हरियाणा के अंबाला में गुरुवार को हाईवे जाम कर रहे सिख-किसानों और पुलिस के बीच जोरदार टकराव हो गया। प्रदर्शनकारी 7 अगस्त को गुरसिमरन सिंह मंड पर हुए हमले के आरोपियों को रिहा करने की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों ने दोपहर करीब 1 बजे दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। रात में पुलिस ने जाम खुलवाने की कोशिश की तो दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। झड़प में अंबाला के DSP वीरेंद्र का अंगूठा कट गया और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर है।
हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। देर रात पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाकर हाईवे पर यातायात शुरू कराया।
कैसे शुरू हुआ विवाद?
7 अगस्त को गुरसिमरन सिंह मंड अंबाला के पंजोखरा गुरुद्वारे पहुंचे थे। वहां उनकी गाड़ी से कुछ लोगों को टक्कर लगने के बाद विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद भीड़ ने मंड की पिटाई की और उनकी गाड़ी में तोड़फोड़ की।
मंड ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उन्हें जबरन कुछ नारे लगाने के लिए कहा और मना करने पर उनके साथ मारपीट की।
मंड की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर दो युवकों को हिरासत में लिया। इसके बाद सिख संगत और किसानों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और दोनों युवकों की रिहाई की मांग शुरू कर दी।
हाईवे क्यों जाम किया गया?
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मंड के खिलाफ भी FIR दर्ज की जाए और हिरासत में लिए गए युवकों को रिहा किया जाए। पुलिस ने मंड के खिलाफ भी FIR दर्ज कर दी, लेकिन प्रदर्शनकारी युवकों की रिहाई पर अड़े रहे।
इसी मांग को लेकर हाईवे जाम किया गया। रात में पुलिस ने जब हाईवे खाली कराने की कोशिश की तो झड़प हो गई।पुलिस के मुताबिक, कई बार समझाने के बाद भी प्रदर्शनकारी नहीं हटे, जिसके बाद बल प्रयोग करना पड़ा। देर रात हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया।









