उत्तराखंड की चार धाम यात्रा (Chardham Yatra) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। चारों धामों के कपाट बंद होने की तारीख तय हो गई है। केदारनाथ धाम के कपाट 3 नवंबर को बंद हो जाएंगे। चारधामों में प्रमुख गंगोत्री धाम के कपाट शनिवार को अन्नकूट पर्व पर शीतकाल के लिए दोपहर 12.14 बजे बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन पड़ाव मुखबा स्थित गंगा मंदिर में होंगे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट रविवार को भैयादूज पर्व पर दोपहर 12.05 बजे पर बंद होंगे।जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को बंद होंगे।
बदरीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को रात नौ बजकर सात मिनट पर सर्दियों के मौसम के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने बताया कि परंपरा के अनुसार, हिंदू कैलेंडर और खगोलीय (Astronomical) पिंडों की स्थिति के आकलन के बाद शनिवार को विजयादशमी के अवसर पर कपाट बंद करने की तिथि और समय का मुहूर्त तय किया गया।
15 लाख 21 हजार 752 भक्तों ने किए दर्शन
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यात्राकाल के दौरान दोनों धामों में शुक्रवार शाम तक 15 लाख 21 हजार 752 तीर्थयात्री पहुंच चुके हैं, जिसमें यमुनोत्री धाम में 7 लाख 10 हजार और गंगोत्री धाम 8 लाख 11 हजार श्रद्धालु पहुंचे। यमुनोत्री धाम के कपाट भी कल भैया दूज के अवसर पर 3 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त में दोपहर बारह बजकर तीन मिनट पर मकर लग्न के अनुराधा नक्षत्र पर बंद कर दिए जाएंगे।
चारधाम यात्रा का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म में चारधाम यात्रा को बहुत जरूरी माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, चारों धाम की यात्रा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी कारण हिंदू धर्म से जुड़ा हर एक व्यक्ति कभी न कभी चारधाम की यात्रा पर जाना चाहता है। हिंदू धर्म के ये खास महत्वपूर्ण चारधाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री उत्तराखंड में स्थित हैं। हिंदू धर्म में दो तरह की चार धामयात्रा की जाती है। एक बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा और दूसरी बद्रीनाथ, जगन्नाथ, रामेश्वर और द्वारका धाम की यात्रा।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बद्रीनाथ धाम को सृष्टि का आठवां वैकुंठ भी कहा जाता है। यहां भगवान विष्णु छह महीने विश्राम करने के लिए आते हैं। साथ ही केदारनाथ धाम में भगवान शंकर विश्राम करते हैं। केदारनाथ में दो पर्वत हैं, जिन्हें नर और नारायण नाम से जाना जाता है। वह भगवान विष्णु के 24 अवतारों में से हैं। माना यह भी जाता है कि केदारनाथ धाम के दर्शन के बाद ही बद्रीनाथ धाम के दर्शन किए जाते हैं। ऐसा करने से ही पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
चार धाम यात्रा से जुड़ी जरूरी बातें
चार धाम यात्रा का बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन जरूरी है।
आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, या पासपोर्ट जैसे जरूरी दस्तावेज यात्रा में अपने साथ ले जाएं।
यात्रा के दौरान गर्म जैकेट, दस्ताने, स्वेटर, ऊनी मोजे और जरूर रखें।
यात्रा के दौरान अच्छे स्पोर्ट सूज जरूर पहनें।