ख़बरिस्तान नेटवर्क : जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के करीब 25 नाराज विधायकों ने अपनी मांगें पूरी करने के लिए नेतृत्व को अल्टीमेटम दिया है। सूत्रों के मुताबिक, अगर उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती तो ये विधायक शुक्रवार को इस्तीफा देने जैसा बड़ा कदम उठा सकते हैं। इस घटनाक्रम ने जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है।
फारूक अब्दुल्ला के आवास पर जुटे नाराज विधायक
विधायकों की नाराजगी दूर करने के लिए शुक्रवार को श्रीनगर में पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के आवास पर अहम बैठक बुलाई गई। इसमें 24 विधायक शामिल होने पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला भी मौजूद हैं। हालांकि, विधायक मुजफ्फर खान और कुछ निर्दलीय विधायक इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
CM के सलाहकार को हटाने समेत रखीं तीन बड़ी मांगें
नाराज विधायकों ने सरकार और संगठन के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें मुख्यमंत्री के सलाहकार नासिर सोगमी को उनके पद से हटाने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा विधायक चाहते हैं कि डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी से सड़क निर्माण विभाग वापस लिया जाए या उन्हें उपमुख्यमंत्री के पद से ही हटाया जाए। विधायकों की तीसरी प्रमुख मांग सरकार से जुड़े लोगों पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने की है। उनका कहना है कि इन मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए।









