ख़बरिस्तान नेटवर्क : एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद जालंधर के हॉकी खिलाड़ी सुखजीत सिंह अपने घर पहुंचे। जालंधर पहुंचते ही परिवार और प्रशंसकों ने उनका ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान जमकर आतिशबाजी भी की गई। गोल्ड मेडल जीतकर लौटे सुखजीत सिंह की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
घर पहुंचते ही जश्न का माहौल
सुखजीत सिंह के घर पहुंचते ही पूरा माहौल जश्न में बदल गया। परिवार के सदस्यों और प्रशंसकों ने ढोल की थाप पर उनका स्वागत किया और जीत की खुशी में आतिशबाजी की। परिवार से मुलाकात के बाद सुखजीत सिंह जल्द ही गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होकर वाहेगुरु का शुक्राना करेंगे।
परिवार और फैंस का किया शुक्रिया
मीडिया से बातचीत के दौरान सुखजीत सिंह ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के लिए यह गर्व का पल है और इस उपलब्धि के पीछे पूरी टीम की मेहनत है। सुखजीत सिंह ने अपनी इस कामयाबी के लिए परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि परिवार के समर्थन और फैंस की दुआओं ने उन्हें हमेशा हौसला दिया है। टीम की इस जीत को उन्होंने सभी के साथ साझा किया।
पाकिस्तान के खिलाफ गोल करना बताया सबसे यादगार पल
एशियन गेम्स के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले को याद करते हुए सुखजीत सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ मैच हमेशा अलग तरह का दबाव और उत्साह लेकर आता है। उनके लिए इस पूरे टूर्नामेंट का सबसे यादगार पल इसी मुकाबले में गोल करना रहा।
पाकिस्तान के खिलाफ गोल करने के बाद उनकी खुशी का ठिकाना नहीं था। यह पल उनके लिए बेहद खास था और मुकाबले में किया गया वह गोल टीम के लिए भी अहम साबित हुआ।
मलेशिया के खिलाफ फाइनल में गेम प्लान पर रहा फोकस
सुखजीत सिंह ने बताया कि मलेशिया के खिलाफ फाइनल से पहले टीम का लक्ष्य अपने गेम प्लान के मुताबिक खेलना और शानदार प्रदर्शन करना था। भारतीय टीम ने इसी रणनीति के साथ मैदान में उतरकर मलेशिया को 5-1 से हराया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। टीम का एक बड़ा लक्ष्य गोल्ड मेडल जीतने के साथ 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करना था। एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के साथ भारतीय टीम ने यह लक्ष्य भी हासिल कर लिया।
हरमनप्रीत और जुगराज ने दागे गोल
फाइनल मुकाबले में भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह और जुगराज सिंह ने गोल किए। दोनों खिलाड़ियों ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए टीम के लिए गोल दागे। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया।हरमनप्रीत सिंह लगातार दूसरी बार भारत को एशियन गेम्स चैंपियन बनाने वाले पहले भारतीय कप्तान भी बन गए हैं।
महिला और पुरुष दोनों टीमों ने जीता गोल्ड
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय हॉकी के लिए यह उपलब्धि और भी खास रही। पुरुष टीम से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। महिला टीम ने फाइनल में चीन को हराकर स्वर्ण पदक जीता। यह पहली बार है जब एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में भारत की महिला और पुरुष दोनों हॉकी टीमों ने गोल्ड मेडल जीता है। पुरुष टीम का यह एशियन गेम्स में पांचवां गोल्ड मेडल है, जबकि भारतीय महिला टीम ने दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया है।
अब LA Olympics पर नजर
एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। अब टीम की नजर ओलंपिक की तैयारियों पर है। सुखजीत सिंह भी आगे टीम के साथ अभ्यास और तैयारियों में जुटेंगे।









