पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप ऑफिस में मंगलवार शाम CBI ने छापेमारी की। यह कार्रवाई पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई। CBI की टीमों ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अलावा पंजाब के कई शहरों में कुल 8 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया।करीब 6 घंटे तक चली इस कार्रवाई में CBI ने कई लैपटॉप, मोबाइल फोन और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इन डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
CM के OSD समेत 6 लोगों पर FIR
CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 नामजद लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। वही इस पर सीएम मान ने सीबीआई के इस एफ़आइआर के बाद कड़े शब्दों में निंदा की है ओर कहा कि ये सब भाजपा के इशारे पर हो रहा है।FIR में राजबीर घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, डॉ. रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम शामिल हैं। इनके अलावा कुछ अज्ञात सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

CBI के मुताबिक आरोप है कि पैसे के बदले प्रशासनिक फैसलों को प्रभावित करने, IAS और IPS अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाहियों, सरकारी नीतियों, टेंडर, लाइसेंस, CLU और जमीन-राजस्व से जुड़े मामलों में कथित तौर पर दखल दिया गया।
ED की जांच से सामने आया मामला
यह पूरा मामला प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की जांच से जुड़ा है। ED ने जुलाई और अगस्त 2026 में पंजाब के DGP को तीन पत्र भेजकर मामले में FIR दर्ज करने की मांग की थी।
ED का आरोप था कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े कुछ लोग ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकारी मंजूरियों, टेंडर और नीतिगत फैसलों में कथित तौर पर प्रभाव डाल रहे थे। जांच के दौरान WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल सबूत मिलने का भी दावा किया गया। ED ने यह भी दावा किया था कि नितिन गोहल से जुड़े ठिकानों की तलाशी के दौरान 20.98 लाख रुपये नकद और डिजिटल सामग्री बरामद हुई।
हाईकोर्ट ने CBI जांच के दिए आदेश
ED की शिकायत के बाद पंजाब पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा। 5 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने राजबीर घुम्मन के खिलाफ FIR दर्ज करने और मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया।कोर्ट ने ED की ओर से पेश की गई जानकारी को गंभीर मानते हुए CBI को जांच कर दो महीने के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।
पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
हाईकोर्ट के आदेश के अगले ही दिन पंजाब सरकार ने CBI जांच के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। सरकार ने मामले की अर्जेंट सुनवाई की मांग की, लेकिन मंगलवार को यह मांग खारिज कर दी गई।इसके बाद उसी दिन CBI ने FIR दर्ज कर चंडीगढ़, मोहाली, गुरदासपुर, लुधियाना, पटियाला, संगरूर और जालंधर समेत 8 ठिकानों पर छापेमारी की।
गुरदासपुर में मुख्यमंत्री कार्यालय के पूर्व OSD डॉ. रोमी राजा महाजन के घर भी CBI टीम पहुंची। वहीं मोहाली के फेज-11 में OSD राजबीर घुम्मन के करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे डॉ. गुरकीरपाल सिंह थिंद के घर भी तलाशी ली गई।
रेड पर सियासी घमासान
CBI कार्रवाई के बाद पंजाब की सियासत भी गरमा गई। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया और BJP पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
वहीं BJP नेताओं ने AAP सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कुछ गलत नहीं हुआ तो जांच से डरने की जरूरत क्यों है।फिलहाल CBI की जांच जारी है और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों व दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।









