ख़बरिस्तान नेटवर्क : जालंधर के गढ़ा रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित करीब 900 मीटर लंबे फ्लाईओवर का काम शुरू होते ही विवाद खड़ा हो गया। निर्माण कार्य शुरू करने पहुंची टीम का दुकानदारों ने विरोध किया और काम को बीच में ही रुकवा दिया। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें इस जगह पर फ्लाईओवर की जरूरत नहीं है और इसके निर्माण से करीब 500 परिवारों का रोजगार प्रभावित हो सकता है।
दुकानदारों ने साफ कहा कि वे किसी भी कीमत पर ऐसा फ्लाईओवर नहीं बनने देंगे, जिससे उनका कारोबार बंद होने की स्थिति में पहुंच जाए। विरोध के दौरान दुकानदारों ने जमकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से प्रोजेक्ट पर दोबारा विचार करने की अपील की।
फ्लाईओवर से रोजगार खत्म होने का दुकानदारों को डर
दुकानदारों का कहना है कि गढ़ा रोड पर सालों से उनका कारोबार चल रहा है। यहां करीब 500 परिवार दुकानों और छोटे कारोबार से अपना घर चला रहे हैं। उनका दावा है कि फ्लाईओवर बनने के दौरान लंबे समय तक सड़क और आसपास का इलाका प्रभावित रहेगा, जिससे दुकानों तक ग्राहकों की पहुंच कम हो सकती है।
दुकानदारों ने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने में करीब दो साल लग सकते हैं। ऐसे में उनका सवाल है कि इस अवधि के दौरान प्रभावित होने वाले परिवार अपना गुजर-बसर कैसे करेंगे।
दुकानदार बोले- इलाके में फ्लाईओवर की मांग ही नहीं की गई
गढ़ा रोड के दुकानदारों का कहना है कि स्थानीय निवासियों और दुकानदारों की ओर से यहां फ्लाईओवर बनाने की कोई मांग नहीं की गई थी। उनका सवाल है कि अगर इलाके के लोग ही इस परियोजना से परेशान हैं तो प्रशासन आखिर किसके लिए यह फ्लाईओवर बना रहा है। अधिकारियों को पहले भी मौके की स्थिति दिखाई थी और फ्लाईओवर नहीं बनाने की अपील की थी। इसके बावजूद अब निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
‘ट्रैफिक की समस्या है तो पुलिसकर्मी तैनात करें’
दुकानदारों ने भाजपा और प्रशासन से अपील की कि अगर इस क्षेत्र में ट्रैफिक की समस्या है तो उसका समाधान फ्लाईओवर बनाने के बजाय ट्रैफिक पुलिस की तैनाती से किया जाए। उनका कहना है कि अगर यहां एक पुलिसकर्मी नियमित रूप से तैनात कर दिया जाए और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर किया जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है। दुकानदारों ने दावा किया कि फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रैफिक कम होने के बजाय कुछ स्थानों पर समस्या और बढ़ सकती है।
चंदन कुमार बोले- 60 साल से चल रहा कारोबार
दुकानदारों के प्रतिनिधि और प्रेसिडेंट चंदन कुमार ने कहा कि करीब 60 साल से इस क्षेत्र में कारोबार चल रहा है और लगभग 500 परिवार इससे जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि फ्लाईओवर निर्माण से पहले अधिकारियों को मौके की स्थिति से अवगत कराया गया था।
चंदन कुमार के मुताबिक, दुकानदारों ने अधिकारियों से परियोजना पर दोबारा विचार करने की अपील की थी, लेकिन अब काम शुरू होने के बाद उन्हें दोबारा विरोध करना पड़ रहा है।
गुरु नानक पुरा ROB का भी हो चुका है विरोध
गौरतलब है कि केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने 24 जून को जालंधर में गुरु नानक पुरा और बस स्टैंड फाटक पर दो रोड ओवरब्रिज (ROB) परियोजनाओं का शिलान्यास किया था। इन दोनों परियोजनाओं की कुल लागत करीब 112.93 करोड़ रुपये बताई गई थी। गुरु नानक पुरा में प्रस्तावित ROB को लेकर भी पहले स्थानीय निवासियों की ओर से विरोध सामने आ चुका है। अब गढ़ा रोड पर फ्लाईओवर के निर्माण को लेकर दुकानदारों के विरोध ने प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
दुकानदारों ने प्रोजेक्ट रोकने की मांग की
दुकानदारों ने कहा कि शिलान्यास के समय भी उन्होंने फ्लाईओवर नहीं बनाने की अपील की थी। उनका आरोप है कि उस समय परियोजना को लेकर केवल कार्यक्रम और तस्वीरें हुईं, लेकिन अब निर्माण कार्य शुरू होने के बाद उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों ने प्रशासन और भाजपा नेताओं से मांग की है कि गढ़ा रेलवे क्रॉसिंग पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण को रोका जाए और ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए कोई ऐसा विकल्प तलाशा जाए, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित न हो।









